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हिन्दू परंपराएँ

शास्त्र और महाकाव्य

समझाए गए अंशों से गीता, उपनिषद, रामायण और महाभारत पढ़ें।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

मध्यवर्ती

कर्मयोग: आसक्ति छोड़कर जिम्मेदारी से कर्म करना

परिणाम अनिश्चित हो तो काम आध्यात्मिक साधना कैसे बनता है? भगवद्गीता कर्तव्य, समर्पण, दूसरों की चिंता और कर्म करने वाले के स्वभाव से उत्तर विकसित करती है।

सीखने का लक्ष्य: यज्ञ और लोकसंग्रह समझाएँ, अनासक्ति को लापरवाही से अलग करें और साधारण जिम्मेदारी में गीता के कर्म तथा कर्ता संबंधी विचार लागू करें।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

मध्यवर्ती

भगवद्गीता में ज्ञान और भक्ति

भगवद्गीता आत्मा के विषय में विचार को कृष्ण के प्रति प्रेमपूर्ण संबंध से जोड़ती है।

सीखने का लक्ष्य: ज्ञान और भक्ति के तीन संबंध समझाएँ, अध्याय 12 के एक क्रम का अर्थ बताएँ और ऐसा अभ्यास बनाएँ जो उपासना को नैतिक सजगता से जोड़े।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

मध्यवर्ती

उपनिषद: आत्मा, ब्रह्म और समझ की खोज

उपनिषद पूछते हैं कि जीवन को अर्थपूर्ण क्या बनाता है और बदलते अनुभव के मूल में क्या है।

सीखने का लक्ष्य: तीन उपनिषदिक शिक्षाएँ इस तरह समझाएँ कि उपमा और शाब्दिक वर्णन में भ्रम न हो, तथा आत्मविचार को केवल सार्वजनिक छवि सुधारने से अलग पहचानें।

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मध्यवर्ती

वाल्मीकि रामायण में कर्तव्य और नेतृत्व

रामायण ऐसे निर्णयों से शिक्षा देती है जिनका प्रभाव परिवार, राज्य, मित्रों और शरण चाहने वालों पर पड़ता है।

सीखने का लक्ष्य: रामायण के निर्दिष्ट प्रसंगों में नेतृत्व के तीन निर्णय समझें और उनके तर्क को सामान्य जिम्मेदारी में अपनाएँ; महाकाव्य के राज्य को आधुनिक संस्था के समान न मानें।

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मध्यवर्ती

महाभारत में धर्म और कठिन निर्णय

महाभारत निष्ठा, महत्वाकांक्षा, अन्याय, करुणा और विजय की कीमत के माध्यम से कर्तव्य की जाँच करती है।

सीखने का लक्ष्य: महाकाव्य के तीन निर्णयों का तर्क समझाएँ, कारण समझने और बहाना बनाने में अंतर करें तथा दैनिक नैतिक दुविधा की स्पष्ट विधि से जाँच करें।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

शुरुआती

वेद, उपनिषद, रामायण और गीता: उनकी प्रमुख शिक्षाएँ

हिंदू धर्मग्रंथ स्तुति, संवाद, गहन जिज्ञासा और पूजनीय व्यक्तियों के जीवन से शिक्षा देते हैं।

सीखने का लक्ष्य: प्रमुख ग्रंथ-परिवार पहचानें और उद्दालक के नमक के उदाहरण, नचिकेता के चुनाव, भरत के दायित्व तथा गीता की तीन व्यावहारिक शिक्षाओं को समझाएँ।

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