हिन्दू धर्म
मध्यवर्तीनचिकेता और यमदेव: तीन वर, कठिन चुनाव और रथ की शिक्षा
कठोपनिषद् 1.1–1.3 में दोषपूर्ण दान से आरंभ करके अविनाशी आत्मा के विषय में यमदेव की शिक्षा तक चलें।
सीखने का लक्ष्य: हर वर समझाएँ, नचिकेता द्वारा दूसरे प्रलोभन अस्वीकार करने का तर्क बताएँ और रथ के अंगों को सही पहचानकर यमदेव की व्यापक शिक्षा से जोड़ें।
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