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हिन्दू परंपराएँ

दर्शन और जीवंत विरासत

धर्म, योग, आत्म-जिज्ञासा और ग्रंथों व परंपराओं में संरक्षित योगदान जानें।

हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

मध्यवर्ती

योग के आठ अंग: एक जुड़ा हुआ अनुशासन

पतंजलि का योगसूत्र व्यवहार, शारीरिक स्थिरता, ध्यान और बोध को जोड़ता है।

सीखने का लक्ष्य: हर अंग की भूमिका समझाएँ, योगसूत्र की दो विशिष्ट शिक्षाएँ सामान्य व्यवहार में लगाएँ और आरंभिक अभ्यास को ग्रंथ में वर्णित उच्च आध्यात्मिक उपलब्धियों से अलग पहचानें।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

शुरुआती

हिंदू धर्म की बुनियाद: धर्म, कर्म, मोक्ष और रोजमर्रा का जीवन

सही कर्म किसे कहें? शरीर बदलने पर भी क्या बना रहता है? अच्छा जीवन किसे कहते हैं? हिंदू परंपराएँ इन प्रश्नों को उपासना, पारिवारिक जिम्मेदारी, अध्ययन और सेवा से जोड़ती हैं।

सीखने का लक्ष्य: छह मूल शब्द समझाएँ, जीवन के चार पुरुषार्थों में अंतर बताएँ, भक्ति के प्रमुख रूप पहचानें और किसी सामान्य निर्णय में धर्म तथा जिम्मेदार कर्म का उपयोग करें।

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हिन्दू ग्रंथ और परंपराएँ

शुरुआती

हिंदू दर्शन और योग: षड्दर्शन और साधना के मार्ग

हिंदू दर्शन पूछता है कि सत्य क्या है, हम उसे कैसे जानते हैं और मनुष्य मुक्त कैसे होता है।

सीखने का लक्ष्य: षड्दर्शन और वेदांत के तीन प्रमुख मतों में अंतर बताएँ, योग के आठों अंग समझाएँ और कर्म, ज्ञान तथा भक्ति को किसी व्यावहारिक जिम्मेदारी से जोड़ें।

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