हिन्दू धर्म
शुरुआतीहनुमान जी का श्री राम-श्री लक्ष्मण से मिलन: मैत्री का मार्ग खोलती वाणी
सुग्रीव के भयग्रस्त आश्रय से नई मैत्री की साक्षी अग्नि तक हनुमान जी के साथ चलें और समझें कि विद्या, सूझबूझ तथा संवेदनापूर्ण श्रवण सेवा कैसे बनते हैं।
सीखने का लक्ष्य: पहले मिलन का क्रम सुनाएँ; हनुमान जी की वाणी पर श्री राम की प्रशंसा, श्री लक्ष्मण की भूमिका और मैत्री के व्यावहारिक दायित्व समझाएँ।
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