मुख्य विचार
समांतर अनुक्रम में अंतर स्थिर होता है; गुणोत्तर अनुक्रम में अनुपात स्थिर होता है। चक्रवृद्धि प्रतिशत परिवर्तन गुणोत्तर है, क्योंकि हर नया प्रतिशत बदली हुई मात्रा को आधार बनाता है। मॉडल की स्थिर दर एक मान्यता है, वादा नहीं।
1. सूचकांक बताता है कि कितने परिवर्तन हुए
अनुक्रम क्रम में रखे मानों की सूची है, जिसका सूचकांक प्रायः पूर्णांक होता है। सूचकांक परिभाषा का भाग है। a₀ आज और a₁ एक सप्ताह बाद की मात्रा बताए तो a₆ तक छह परिवर्तन होते हैं। a₁ पहले सप्ताह की आपूर्ति हो तो उससे a₆ तक केवल पाँच परिवर्तन होंगे। पुनरावर्ती नियम पिछली मात्रा से अगला पद निकालता है; उसे आरंभिक मान चाहिए। स्पष्ट नियम सीधे सूचकांक से पद देता है। उदाहरण के लिए a₀ = 10 और aₙ₊₁ = aₙ+4 से 10, 14, 18, 22 मिलता है; स्पष्ट नियम aₙ = 10+4n है। मानों के साथ इकाइयाँ और n के साथ समय-अंतराल लिखें। मॉडल बदले बिना मासिक अनुपात को प्रतिदिन लागू नहीं कर सकते।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: समांतर अनुक्रम ↗ · ओपनस्टैक्स: गुणोत्तर अनुक्रम ↗
2. स्थिर जोड़ से समांतर अनुक्रम बनता है
पहला पद a₁ और सार्व अंतर d हो तो nवाँ पद aₙ = a₁+(n−1)d है। अंतर धनात्मक, शून्य या ऋणात्मक हो सकता है। पहले n पद जोड़ने के लिए पहले को अंतिम, दूसरे को अंत से दूसरे के साथ जोड़ें। हर जोड़ी का योग a₁+aₙ है। योग को आगे और पीछे के क्रम में लिखने पर 2Sₙ = n(a₁+aₙ), इसलिए Sₙ = n(a₁+aₙ)/2 मिलता है। n विषम होने पर भी यह तर्क चलता है, क्योंकि पूरी सूची को पहले दुगुना करके फिर दो से भाग दिया जाता है। अंतर ध्यान रखें: aₙ एक पद है, जबकि Sₙ सभी n पदों का योग है। पद साप्ताहिक बढ़ोतरी बताएँ तो योग कुल जोड़ी गई मात्रा बताता है; उसमें पुराना भंडार अपने-आप शामिल नहीं होता।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: समांतर अनुक्रम ↗ · ओपनस्टैक्स: श्रेणियाँ और उनके संकेत ↗
3. हल किया उदाहरण: हर सप्ताह बढ़ती आपूर्ति
एक काल्पनिक पुस्तकालय योजना में पहले सप्ताह 12 कॉपियाँ आती हैं और अगले हर सप्ताह पिछली बार से तीन अधिक, कुल छह सप्ताह तक। ये नई आपूर्तियाँ हैं, पूरा भंडार नहीं। यहाँ a₁ = 12, d = 3 और n = 6। छठी आपूर्ति a₆ = 12+5×3 = 27 है। सूची 12, 15, 18, 21, 24, 27 है, जिससे S₆ = 6(12+27)/2 = 117 कॉपियाँ मिलती हैं। 12+27, 15+24 और 18+21 की जोड़ियाँ स्वतंत्र जाँच देती हैं: 39 की तीन जोड़ियाँ। पुस्तकालय में पहले 50 कॉपियाँ हों और कोई बाहर न जाए तो अंतिम भंडार 167 होगा। कुछ कॉपियाँ शिक्षार्थियों को दी जाएँ तो उस निकासी को अलग घटाएँ। समांतर पैटर्न केवल नियोजित आवक बताता है; अन्य प्रक्रियाएँ चल रही हों तो अकेला यह पैटर्न बदलता भंडार नहीं बता सकता।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: समांतर अनुक्रम ↗ · ओपनस्टैक्स: श्रेणियाँ और उनके संकेत ↗
4. स्थिर अनुपात से चक्रवृद्धि परिवर्तन होता है
धनात्मक शुरुआती मात्रा a₀ और स्थिर धनात्मक अनुपात r के लिए बार-बार गुणा करने से aₙ = a₀rⁿ मिलता है। 20% बढ़ोतरी में r = 1.20; 20% कमी में r = 0.80 है। अगला परिवर्तन नई आधार मात्रा से निकलता है। इसलिए पहले 20% बढ़ाने और फिर 20% घटाने पर मूल मात्रा 1.20×0.80 = 0.96 से गुणित होती है, अर्थात कुल 4% कमी। विपरीत दिशाओं के समान प्रतिशत परिवर्तन एक-दूसरे को नहीं काटते। 0 < r < 1 हो तो धनात्मक मात्रा शून्य की ओर घटती है, लेकिन आदर्श मॉडल में सीमित चरणों में बिल्कुल शून्य नहीं बनती। व्यावहारिक सीमा या पूर्णांकन प्रक्रिया को पहले समाप्त कर सकता है। r > 1 हो तो वास्तविक बढ़ोतरी बड़ी होती जाती है, क्योंकि वही अनुपात लगातार बड़े आधार पर लगता है।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: गुणोत्तर अनुक्रम ↗ · ओपनस्टैक्स: चरघातांकी फलन ↗
5. हल किया उदाहरण: संग्रहण वृद्धि और सीमा
एक काल्पनिक डिजिटल संग्रह 200 MB से शुरू होता है और हर महीने के अंत में 20% बढ़ने का अनुमान है। महीने 0, 1, 2 और 3 पर मात्राएँ 200, 240, 288 और 345.6 MB हैं। हर महीने केवल शुरुआती बढ़ोतरी 40 MB जोड़ने वाला रैखिक अनुमान तीसरे महीने 320 MB देगा। 25.6 MB का अंतर पिछली बढ़ोतरी पर हुई नई बढ़ोतरी से आता है। संग्रह पहली बार किस पूरे महीने में 400 MB से अधिक होगा, इसके लिए 200(1.2)³ = 345.6 और 200(1.2)⁴ = 414.72 की तुलना करें। चार मासिक परिवर्तनों के बाद सीमा पार होती है। यह शर्तों पर आधारित योजना है: फ़ाइल हटाना, प्रकार बदलना, संपीड़न या योगदान बदलने से दर बदल सकती है। इससे यह प्रमाण नहीं मिलता कि वास्तविक संग्रह हमेशा 20% बढ़ता रहेगा।
निश्चित जोड़ और निश्चित प्रतिशत
| अवधि n | 100 + 20n | 100 × 1.2ⁿ |
|---|---|---|
| 0 | 100 | 100 |
| 1 | 120 | 120 |
| 2 | 140 | 144 |
| 3 | 160 | 172.8 |
| 4 | 180 | 207.36 |
स्रोत: ओपनस्टैक्स: गुणोत्तर अनुक्रम ↗ · ओपनस्टैक्स: चरघातांकी फलन ↗
6. गुणोत्तर पद जोड़ें और मिश्रित प्रक्रियाएँ अलग रखें
n पद a₁, a₁r, …, a₁rⁿ⁻¹ का योग S रखें। r से गुणा करके घटाएँ: S−rS = a₁−a₁rⁿ। इसलिए r ≠ 1 पर S = a₁(1−rⁿ)/(1−r); r = 1 पर योग na₁ है। यह सीमित योग सूत्र वृद्धि और क्षय दोनों में चलता है। उदाहरण के लिए शुरुआती 500 mL में से हर चक्र बची मात्रा का 20% हटाएँ तो चार चक्रों में 100, 80, 64 और 51.2 mL हटेंगे। योग 295.2 mL है; शेष मात्रा 500(0.8)⁴ = 204.8 mL होगी, और दोनों भाग मिलकर 500 बनते हैं। Bₙ₊₁ = 1.2Bₙ+10 जैसा नियम आनुपातिक वृद्धि में स्थिर जोड़ भी मिलाता है। वह शुद्ध गुणोत्तर अनुक्रम नहीं है; इन क्रियाओं का क्रम सही लिखना महत्त्वपूर्ण है।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: श्रेणियाँ और उनके संकेत ↗ · ओपनस्टैक्स: गुणोत्तर अनुक्रम ↗
अभ्यास करें
अभ्यास: संसाधन के दो मॉडल तुलना करें
- n = 0 पर दोनों मॉडल 100 इकाई से शुरू करें। मॉडल A हर अवधि 20 इकाई जोड़ता है; मॉडल B हर अवधि 20% बढ़ता है। स्पष्ट नियम लिखें।
- n = 1, 2, 3 और 4 पर दोनों की गणना करें। समान इकाइयों और समय-अंतराल वाली सारणी में मात्राएँ लिखें।
- पहली पूरी अवधि खोजें जब प्रत्येक मॉडल कम-से-कम 200 इकाई तक पहुँचे। समझाएँ कि पहली बढ़ोतरी समान होने से दीर्घकाल का नियम समान क्यों नहीं हो जाता।
- हल: Aₙ = 100+20n से 120, 140, 160, 180; Bₙ = 100(1.2)ⁿ से 120, 144, 172.8, 207.36 मिलता है। A, n = 5 पर 200 तक पहुँचता है; B पहली बार n = 4 पर पार करता है। A में अंतर स्थिर और B में अनुपात स्थिर है। वास्तविक संसाधन की प्रक्रिया के प्रमाण बिना कोई मॉडल उचित नहीं माना जा सकता।
अपनी समझ जाँचें
a₁ से शुरू गिनती में n−1 क्यों आता है?
पहला पद पहले से दिया है। nवें पद तक पहुँचने के लिए केवल n−1 अतिरिक्त परिवर्तन चाहिए।
क्या छठी आपूर्ति ही छह सप्ताह का कुल है?
नहीं। पद और योग अलग प्रश्नों के उत्तर हैं। कॉपी के उदाहरण में वे क्रमशः 27 और 117 हैं।
20% कमी, 20% बढ़ोतरी को क्यों नहीं पलटती?
कमी बढ़ी मात्रा को आधार बनाती है। संयुक्त गुणक 0.96 है, इसलिए मूल मान वापस नहीं मिलता।
r = 1 पर गुणोत्तर योग सूत्र का क्या होता है?
लिखे हुए भिन्न में शून्य से भाग आता है, इसलिए मूल योग लें: n समान पदों का कुल na₁ होगा।
क्या घटता गुणोत्तर मॉडल ऋणात्मक बन सकता है?
धनात्मक शुरुआत और 0 < r < 1 में नहीं। हर गुणा धनात्मकता बनाए रखता है, भले मान शून्य की ओर जाएँ।
पूर्वानुमान शर्तों पर आधारित क्यों है?
वह आरंभिक मान, अवधि, दर और प्रक्रिया के लागू बने रहने पर निर्भर है। सही गणना उन मान्यताओं को सत्यापित नहीं करती।
