मुख्य विचार
प्रायिकता किसी तय घटना की संभावना को 0 से 1 तक मापती है। सही गणना परिणाम और मान्यताएँ बताती है, दोहरी गिनती से बचती है और देखती है कि एक घटना दूसरी की संभावना बदलती है या नहीं। जोखिम इस पर भी निर्भर है कि घटना होने पर क्या परिणाम होगा।
1. प्रयोग और घटना तय करें
यादृच्छिक प्रयोग का परिणाम पहले ज्ञात नहीं होता। उसके संभव परिणामों का समूह प्रतिदर्श समष्टि है। साधारण छह फलकों वाले पासे के एक फेंक का सरल मॉडल 1, 2, 3, 4, 5 और 6 लेता है। घटना परिणामों का तय समूह है, जैसे “सम संख्या आना”, जिसमें 2, 4, 6 हैं। गणना से पहले घटना स्पष्ट लिखें।
A नाम की घटना की प्रायिकता को P(A) लिखें। मॉडल में 0 असंभव और 1 निश्चित घटना बताता है। बीच के मान संभावना का स्तर हैं: 0.25 = 1/4 = 25%। प्रायिकता ऋणात्मक या 1 से बड़ी नहीं हो सकती। ये सीमाएँ तुरंत जाँच देती हैं, पर इनके भीतर की संख्या भी गलत मॉडल से आ सकती है।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता की शब्दावली ↗
2. बराबर संभावित मूल परिणामों पर गिनती काम करती है
बराबर संभावित परिणामों में प्रायिकता घटना वाले परिणामों की संख्या को कुल से भाग देने पर मिलती है। निष्पक्ष पासे में P(सम) = 3/6 = 1/2। निष्पक्षता पासे और फेंकने की प्रक्रिया के बारे में मान्यता है। छह नाम लिख देना बराबर संभावना का प्रमाण नहीं। असमान खंडों वाले चक्र में खंडों के नाम ऐसे नहीं गिन सकते जैसे हर खंड का क्षेत्रफल समान हो।
निष्पक्ष सिक्के के दो स्वतंत्र उछालों में चित H और पट T लिखें। चार समान संभावित क्रमित परिणाम HH, HT, TH और TT हैं। “एक चित और एक पट” में HT और TH दोनों हैं, इसलिए प्रायिकता 2/4 = 1/2। “दो चित”, “एक-एक” और “दो पट” तीन समान संभावित समूह नहीं हैं। समूह बनाते समय मूल परिणाम बनाए रखें।
स्पष्ट मॉडल में परिणाम गिनें
- 1विषम
- 2सम
- 3विषम
- 4सम
- 5विषम
- 6सम
स्रोत: एनसीईआरटी कक्षा 10 गणित उदाहरणात्मक प्रश्न: सांख्यिकी और प्रायिकता ↗ · ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता की शब्दावली ↗
3. हल किया उदाहरण: वापस रखने से अगला चयन बदलता है
एक काल्पनिक थैली में रंग के अलावा समान 3 लाल और 2 नीले गोटे हैं। उन्हें मिलाकर बिना देखे चुनें और हर गोटे की संभावना बराबर मानें। पहले लाल की प्रायिकता 3/5 है। लाल निकालकर बाहर रखें तो 2 लाल और 2 नीले बचते हैं, इसलिए अगले लाल की प्रायिकता 2/4 है। लगातार दो लाल की प्रायिकता (3/5) × (2/4) = 3/10 है।
पहला गोटा वापस रखकर फिर मिला दें तो अगले लाल की प्रायिकता फिर 3/5 है। स्वतंत्र चयन मॉडल में दो लाल की प्रायिकता (3/5) × (3/5) = 9/25 है। 0.30 और 0.36 अलग हैं क्योंकि प्रयोग अलग है। गुणा करते समय दूसरा गुणक पहली घटना के बाद सही प्रायिकता होना चाहिए, अपने-आप मूल प्रायिकता नहीं।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: स्वतंत्र और परस्पर अपवर्जी घटनाएँ ↗ · ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता के दो मूल नियम ↗
4. हल किया उदाहरण: पूरक घटना लें
एक घटना और उसकी पूरक घटना बिना दोहराव सभी परिणाम समेटती हैं। “दो उछालों में कम से कम एक चित” की पूरक “कोई चित नहीं”, यानी TT है। निष्पक्ष स्वतंत्र उछालों में P(TT) = 1/2 × 1/2 = 1/4। इसलिए P(कम से कम एक चित) = 1 − 1/4 = 3/4। HH, HT और TH गिनने से वही उत्तर मिलता है और तर्क जँचता है।
ऐसे तीन उछालों में कोई चित न आने की प्रायिकता 1/8 है, इसलिए कम से कम एक चित की 7/8 है। “कम से कम एक” में दो या तीन चित भी शामिल हैं; यह “ठीक एक” नहीं है। अधिक अवसर प्रायिकता बढ़ा सकते हैं, पर घटना निश्चित नहीं बनाते। 7/8 होने पर भी तीनों उछाल पट हो सकते हैं।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता की शब्दावली ↗ · ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता के दो मूल नियम ↗
5. घटनाएँ जोड़ते समय दोहरी गिनती से बचें
निष्पक्ष पासे में A सम परिणाम और B, 3 का गुणज मानें। A में 2, 4, 6 और B में 3, 6 हैं। “A या B” में कम से कम एक शर्त, दोनों सहित, पूरी होती है। 3/6 और 2/6 जोड़ने पर 6 दो बार गिना जाता है। साझा भाग एक बार घटाएँ: 3/6 + 2/6 − 1/6 = 4/6 = 2/3। सही परिणाम 2, 3, 4, 6 हैं।
परस्पर अपवर्जी घटनाएँ एक परीक्षण में साथ नहीं हो सकतीं, जैसे एक पासे पर 1 और 2 दोनों आना। स्वतंत्र घटनाएँ अलग बात हैं: एक होने की जानकारी दूसरी की प्रायिकता नहीं बदलती। निष्पक्ष सिक्के के दो अलग उछाल स्वतंत्र हो सकते हैं, जबकि एक उछाल में चित और पट परस्पर अपवर्जी हैं। इन शब्दों को एक-दूसरे की जगह न लें।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: स्वतंत्र और परस्पर अपवर्जी घटनाएँ ↗ · ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता के दो मूल नियम ↗
6. मॉडल और देखी गई बारंबारताएँ तुलना करें
प्रायोगिक प्रायिकता बार-बार के अवलोकनों से संभावना आँकती है। वापस रखकर 40 चयन में लाल 17 बार आए तो देखा अनुपात 17/40 = 0.425 है। दस में चार लाल वाली थैली के सैद्धांतिक 0.4 के ठीक बराबर होना ज़रूरी नहीं। छोटे नमूने बदलते हैं। अधिक परीक्षण सही प्रक्रिया के अनुमान को स्थिर कर सकते हैं, पर पक्षपाती चयन या छूकर पहचानने योग्य गोटों को ठीक नहीं करते।
किसी क्रम के बाद उसकी भरपाई होना अनिवार्य नहीं। कई पट आने के बाद भी अगले स्वतंत्र निष्पक्ष उछाल में चित की प्रायिकता 1/2 है। बहुत परीक्षणों में अनुपात आधे के करीब आ सकता है, बिना चित और पट की संख्या बिल्कुल बराबर हुए। परिणाम पसंद आते ही रोकने के बजाय सभी तय परीक्षण दर्ज करें।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: प्रायिकता की शब्दावली ↗
7. संभावना और प्रभाव सावधानी से जोड़ें
एक काल्पनिक कक्षा मॉडल में हर सत्र द्रव गिरने की प्रायिकता 0.10 है और गिरने पर 20 कागज़ खराब होते हैं; अन्यथा कोई नहीं। अपेक्षित हानि 0.10 × 20 + 0.90 × 0 = 2 कागज़ प्रति सत्र है। यह बार-बार समान सत्रों का औसत है, अगले सत्र में ठीक दो कागज़ खराब होने का अनुमान नहीं।
ढकने से खराब होने की मानी प्रायिकता 0.02 हो तो अपेक्षित हानि 0.4 कागज़ और औसत बचत 1.6 कागज़ प्रति सत्र है। अपेक्षित भिन्न संख्या अर्थपूर्ण औसत है, भले खराब कागज़ पूरी वस्तुएँ हों। निर्णय सबसे बुरे परिणाम, अनुमान की विश्वसनीयता और बचाव की लागत पर भी निर्भर हो सकते हैं। अपेक्षित मान तुलना का एक साधन है, पूरा निर्णय नियम नहीं।
स्रोत: ओपनस्टैक्स: प्रारंभिक सांख्यिकी: अपेक्षित मान और मानक विचलन ↗
अभ्यास करें
चयन का काल्पनिक मॉडल जाँचें
- दस समान कागज़ी पर्चियाँ बनाएँ: चार पर R और छह पर B। समान मोड़ें, मिलाएँ और चयन से पहले R की प्रायिकता बताएँ।
- हर बार वापस रखकर और मिलाकर 40 चयन करें। हर परिणाम लिखें। R का देखा अनुपात निकालकर 4/10 से तुलना करें।
- मॉडल अपेक्षित 16 R बताता है, ठीक 16 नहीं। नमूना बदलाव और संभावित प्रक्रिया समस्याओं से अंतर समझाएँ; अधिक प्रमाण चाहिए तो पूरी प्रक्रिया दोहराएँ।
अपनी समझ जाँचें
निष्पक्ष पासे में 4 से बड़ी संख्या की प्रायिकता क्या है?
सही परिणाम 5 और 6 हैं, इसलिए 2/6 = 1/3।
घटना की प्रायिकता 0.35 है। उसके न होने की क्या है?
1 − 0.35 = 0.65, क्योंकि घटना और पूरक सभी परिणाम समेटते हैं।
दो निष्पक्ष स्वतंत्र उछालों में 'एक-एक' की प्रायिकता 1/3 क्यों नहीं?
इसमें चार समान संभावित परिणामों में से HT और TH दोनों हैं, इसलिए प्रायिकता 1/2 है।
4 हरे और 1 पीले गोटे में से हरा बाहर रखा। अगले हरे की प्रायिकता क्या है?
चार बचे गोटों में तीन हरे हैं, इसलिए 3/4, मूल 4/5 नहीं।
50 समान परीक्षणों में प्रत्येक की सफलता प्रायिकता 0.2 हो तो क्या 10 सफलताएँ निश्चित हैं?
नहीं। अपेक्षित संख्या 50 × 0.2 = 10 है, पर देखी गई संख्या अलग हो सकती है।
