पूर्णिमा लल्लन शर्मा फाउंडेशन · स्थापना 2021
PLS FoundationPLS FOUNDATIONज्ञान। सामर्थ्य। सेवा।

PLS फाउंडेशन

दर्शन और तर्क

उदाहरणों से ज्ञान, नैतिकता और भारतीय दार्शनिक परंपराएँ समझें।

10 मार्गदर्शिकाएँ · अंग्रेज़ी और हिन्दी

जो पहले से जानते हैं उसके अनुसार स्तर चुनें। हर पाठ में व्याख्या, अभ्यास और उत्तर हैं। अध्ययन स्तर समझें →

शुरुआती

दर्शन और तर्क

शुरुआती

दार्शनिक प्रश्न कैसे पूछें

सफलता, निष्पक्षता या अच्छे जीवन पर मित्रों की असहमति में एक ही शब्द के अलग अर्थ छिपे हो सकते हैं।

सीखने का लक्ष्य: व्यापक असहमति से स्पष्ट प्रश्न बनाएँ, जाँच के प्रकार अलग करें और प्रति-उदाहरण से अपना उत्तर सुधारें।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

शुरुआती

तर्कशास्त्र, तर्क और तर्कदोष

तर्क केवल झगड़े का दूसरा नाम नहीं।

सीखने का लक्ष्य: तर्क का ढाँचा बनाएँ, शर्त वाला दावा जाँचें, निगमन और आगमन अलग करें तथा वक्ता पर हमला किए बिना गलत तर्क सुधारें।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

मध्यवर्ती

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

नीतिशास्त्र: कर्तव्य, परिणाम और चरित्र

नैतिक निर्णय पूछते हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्यों।

सीखने का लक्ष्य: ठोस विकल्प पर तीन नैतिक दृष्टियाँ लागू करें, उनकी सीमाएँ पहचानें और लोगों को केवल संख्या या नीयत में बदल दिए बिना कार्रवाई का औचित्य समझाएँ।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

ज्ञान, विश्वास और प्रमाण

आप मान सकते हैं कि बस नौ बजे चलती है, संयोग से यही सही अनुमान लगा सकते हैं, या विश्वसनीय वर्तमान समय-सारणी से उसका समय जान सकते हैं।

सीखने का लक्ष्य: सत्य, विश्वास और औचित्य अलग करें; प्रत्यक्ष, अनुमान और विश्वसनीय कथन की तुलना करें; तथा समझाएँ कि नए प्रमाण से उचित भरोसा क्यों बदल सकता है।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

सांख्य: पुरुष, प्रकृति और तीन गुण

बदलते विचार का बोध होने से क्या बोध स्वयं एक और बदलती वस्तु बन जाता है? शास्त्रीय सांख्य इसका विशिष्ट उत्तर देता है।

सीखने का लक्ष्य: पुरुष और प्रकृति समझाएँ, पच्चीस तत्त्वों का क्रम जानें और हल किए उदाहरण में मानसिक क्रिया, पहचान और साक्षी के भेद लागू करें।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

अद्वैत: आत्मविचार और सत्ता के स्तर

कोई प्रतीति हमारे कार्यों को दिशा देते हुए भी ऐसी चीज पर निर्भर हो सकती है जिसे हमने गलत समझा है।

सीखने का लक्ष्य: आत्मा और ब्रह्म समझाएँ, वास्तविकता के स्तरों में भेद करें और दो दैनिक उदाहरणों में अध्यास व सुधार की प्रक्रिया जानें।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

बौद्ध प्रतीत्यसमुत्पाद और अनात्म

हर अनुभव के पीछे स्थायी स्वामी माने बिना दुःख का उत्पन्न होना कैसे समझें? यह पाठ थेरवाद परंपरा में संरक्षित पालि निकायों के चुने हुए सुत्तों का अध्ययन करता है।

सीखने का लक्ष्य: प्रत्ययों पर निर्भर उत्पत्ति समझाएँ, पाँच स्कंधों का विश्लेषण करें और मुक्ति-संबंधी शिक्षण को आधुनिक मानसिक तरकीब में घटाए बिना दो उदाहरणों पर लागू करें।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

मध्यवर्ती

जैन अनेकांतवाद और अनुशासित दृष्टिकोण

क्या कोई वस्तु बदलते हुए भी बनी रह सकती है? क्या दो वक्ता इसलिए असहमत हो सकते हैं कि दोनों आवश्यक शर्त नहीं बताते? जैन दर्शन इन प्रश्नों का समृद्ध विवेचन करता है।

सीखने का लक्ष्य: पहलुओं और मतों का अंतर करें, सापेक्ष कथनों का विश्लेषण करें और तथ्यात्मक त्रुटि को उचित ठहराए बिना असहमति से स्पष्टता बढ़ाएँ।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

उन्नत

दर्शन और तर्क

उन्नत

न्याय दर्शन: प्रमाण और अनुमान की जाँच

किसी कारण के आधार पर हम सीधे दिखाई देने वाली बात से आगे कैसे जान सकते हैं? शास्त्रीय न्याय दर्शन ज्ञान, अनुमान और संवाद का सूक्ष्म विवेचन करता है।

सीखने का लक्ष्य: अनुमान के अंग पहचानें, पाँच अवयवों वाला प्रतिपादन बनाएँ और आकर्षक दिखने वाली दलील में त्रुटि का सही स्थान बताएँ।

मार्गदर्शिका पढ़ें →

दर्शन और तर्क

उन्नत

विज्ञान-दर्शन: मॉडल, व्याख्या और परीक्षण

मॉडल हर कारण बताए बिना सही पूर्वानुमान दे सकता है, और गलत पूर्वानुमान स्वयं नहीं बताता कि गलती कहाँ हुई।

सीखने का लक्ष्य: मॉडल का निरूपित विषय पहचानें, परीक्षण का तर्क पुनर्निर्मित करें और बताएँ कि मान्यता बदलना कब ज्ञानवर्धक है तथा कब साक्ष्य से बचने का बहाना।

मार्गदर्शिका पढ़ें →
वापस: मानविकी और दर्शन → अध्ययन का रास्ता चुनें →