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जल चक्र और भूजल: भंडार तथा प्रवाह का हिसाब

वर्षा बह सकती है, मिट्टी में रुक सकती है, हवा में लौट सकती है या जलभृत भर सकती है। समझें कि ये मार्ग अलग क्यों हैं और एक कुएँ का बढ़ा स्तर पूरे भूजल भंडार का सीधा माप क्यों नहीं।

PLS फाउंडेशन द्वारा · · 6 मिनट पढ़ाई, और अभ्यास

इस पाठ के अंत तक: अंतःस्यंदन, पुनर्भरण और भूजल प्रवाह अलग करें; जलग्रहण बजट और स्पष्ट जलभृत मान्यताओं से भंडारण बदलाव निकालें।

यह विषय सीधे पढ़ें, या शृंखला अपनाएँ: पृथ्वी, चट्टानें, जल और मिट्टी

मुख्य विचार

जल चक्र पानी को भंडारों के बीच पहुँचाता है। भूजल संतृप्त छिद्रों और दरारों में रहता तथा जुड़े मार्गों से चलता है। भंडारण का बदलाव सभी आगमन और निर्गमन पर निर्भर है, केवल वर्षा पर नहीं।

1. चक्र में चलना और ठहरना दोनों हैं

भंडार किसी स्थान का पानी है, जैसे झील, मिट्टी, हिम या जलभृत। प्रवाह भंडारों के बीच पानी पहुँचाता है। वाष्पीकरण और पौधों का वाष्पोत्सर्जन पानी वायुमंडल में लौटाते हैं; संघनन और वर्षण सतह की ओर लाते हैं। वाष्पीकरण की बहुत ऊर्जा सूर्य देता है; गुरुत्व नीचे और जमीन में प्रवाह में सहायक है। हर अणु का समान मार्ग या समान समय में चक्र पूरा करना आवश्यक नहीं।

भूमि पर आई वर्षा का कुछ भाग वनस्पति रोकती है, कुछ मिट्टी में जाता और कुछ सतह पर बहता है। अंतःस्यंदन जमीन की सतह से प्रवेश है। पुनर्भरण संतृप्त भूजल तंत्र तक पहुँचा पानी है। पानी प्रवेश करके जड़ों के पास रुक और बाद में वाष्पित हो सकता है, बिना भूजल बने। इसलिए पोखर से गायब हर लीटर को जलभृत का पुनर्भरण नहीं कह सकते।

स्रोत: एनसीईआरटी: जल और जलीय चक्र ↗ · यूएसजीएस: अंतःस्यंदन और जल चक्र ↗

2. भूमिगत पानी प्रायः छोटे स्थानों में रहता है

असंतृप्त क्षेत्र के छिद्रों में हवा और पानी दोनों हैं। असंवृत जलभृत में जलस्तर के नीचे जुड़े छिद्र संतृप्त होते हैं। जलभृत वह भूवैज्ञानिक पदार्थ है जो उपयोगी मात्रा में भूजल रखता और पहुँचाता है। रेत-बजरी में दानों के बीच, कठोर चट्टान में अपक्षयित भाग और दरारों से प्रवाह हो सकता है। विशाल भूमिगत नदी सामान्य मॉडल नहीं, हालाँकि कुछ चट्टानों में बड़े घुलन-मार्ग होते हैं।

सरंध्रता कुल पदार्थ आयतन में छिद्र स्थान का अंश है। पारगम्यता जुड़े मार्गों से पानी गुजरने की सुगमता है। बहुत छोटे छिद्रों वाला पदार्थ पानी धीरे पहुँचा सकता है; इसलिए सरंध्रता अकेली कुएँ से मिलने वाली जल-प्रवाह दर नहीं बताती। भूजल ऊँचाई और दाब के संयुक्त जलीय शीर्ष के अंतर से चलता है। प्रवाह केवल नीचे नहीं; बगल में जाकर झरने या नदी में निकल सकता है।

स्रोत: यूएसजीएस: भूजल भंडारण ↗ · यूएसजीएस: भूजल प्रवाह ↗

3. कुआँ आसपास के तंत्र से जुड़ा है

पंपिंग स्थानीय जलस्तर या दाब घटाकर पानी कुएँ की ओर खींचती है। आरंभ में कुछ पानी भंडार से आता है; समय के साथ प्राकृतिक निर्गमन घट सकता या नया आगमन बढ़ सकता है। नदी और पास के जलभृत में शीर्ष अंतर के अनुसार दोनों दिशाओं में आदान-प्रदान संभव है। उन्हें पूर्ण स्वतंत्र आपूर्ति मानने से एक ही जुड़े संसाधन को दो बार गिन सकते हैं।

संवृत जलभृत में कम पारगम्य परत ऊर्ध्व प्रवाह सीमित करती है। दाब के कारण कुएँ में पानी जलभृत के ऊपरी भाग से ऊपर उठ सकता है। वह स्तर खुली भूमिगत झील की सतह नहीं। मौसमी तुलना में समान समय और पंपिंग की जानकारी चाहिए। गहरा कुआँ पुनर्भरण नहीं बनाता; साफ दिखता भूजल हर उपयोग के योग्य स्वतः नहीं, गुणवत्ता अलग मापनी पड़ती है।

स्रोत: यूएसजीएस: भूजल प्रवाह ↗ · यूएसजीएस: भूजल भंडारण ↗ · केंद्रीय भूमि जल बोर्ड: भूजल और पुनर्भरण के प्रश्न ↗

4. हल उदाहरण: जलग्रहण के पानी का हिसाब

एक वर्ग किलोमीटर का काल्पनिक जलग्रहण और एक वर्ष लें। वर्षा 800, वाष्पोत्सर्जन 500 और नदी निर्गमन 200 मिलीमीटर है; सभी उसी क्षेत्र की तुल्य गहराई हैं। सूची के अलावा सीमा पार हस्तांतरण नहीं मानें। भंडारण बदलाव = आगमन − निर्गमन = 800 − 500 − 200 = +100 मिलीमीटर। धन चिह्न अवधि में संयुक्त भंडारण बढ़ना बताता है।

एक वर्ग किलोमीटर = 1,000,000 वर्ग मीटर और 100 मिलीमीटर = 0.1 मीटर। इसलिए वृद्धि 100,000 घन मीटर, अर्थात दस करोड़ लीटर है। वह पूरा भूजल आवश्यक नहीं; झील स्तर और मृदा नमी भी बदले होंगे। जलभृत चुने तंत्र के भीतर हो तो पुनर्भरण को फिर बाहरी हानि की तरह न घटाएँ; वह अंदर के भंडारों का हस्तांतरण है।

जल का हिसाब लगाने से पहले सीमा बनाएँ

एक वर्ष का हस्तांतरणसमतुल्य गहराईसीमा में भूमिका
वर्षण800 मिमीबाहरी आगमन
वाष्पोत्सर्जन500 मिमीबाहरी निर्गमन
धारा का निर्गमन200 मिमीबाहरी निर्गमन
पुनर्भरण: मिट्टी → जलभृतआंतरिक हस्तांतरणदोनों भंडार इस सीमा के भीतर

ΔS = 800 − 500 − 200 = +100 mm

काल्पनिक जलग्रहण में मिट्टी, धारा और जलभृत हैं। 1 वर्ग किमी पर +100 मिमी = +100,000 घन मीटर संयुक्त भंडार; जरूरी नहीं कि पूरा भूजल हो।

स्रोत: एनसीईआरटी: जल और जलीय चक्र ↗ · यूएसजीएस: अंतःस्यंदन और जल चक्र ↗

5. हल उदाहरण: जलस्तर बदलाव से भंडारण

आदर्श असंवृत जलभृत में लगभग भंडारण बदलाव = क्षेत्रफल × जलस्तर वृद्धि × विशिष्ट जल-उपज लें। विशिष्ट जल-उपज कुल पदार्थ आयतन का गुरुत्व से निकल सकने वाला अंश है, कुल सरंध्रता नहीं। समान जलभृत का क्षेत्र 20,000 वर्ग मीटर, प्रतिनिधि जलस्तर वृद्धि 0.5 मीटर और विशिष्ट जल-उपज 0.10 हो। वृद्धि 20,000 × 0.5 × 0.10 = 1,000 घन मीटर, अर्थात दस लाख लीटर है। सभी मान काल्पनिक हैं।

पूरा ज्यामितीय आयतन 10,000 घन मीटर लेने पर निकासयोग्य भंडार दस गुना अधिक बताया जाएगा। वास्तविक अनुमान के लिए उपयुक्त भूविज्ञान, प्रतिनिधि निगरानी और सही भंडारण प्राचल चाहिए। संवृत जलभृत का संबंध अलग है; केवल कुएँ का स्तर बढ़ने से यह सूत्र नहीं लगा सकते। उसी अवधि में पंपिंग और प्राकृतिक निर्गमन हो तो शुद्ध भंडार वृद्धि सकल पुनर्भरण से अलग होगी।

स्रोत: यूएसजीएस: भूजल भंडारण ↗ · यूएसजीएस: भूजल प्रवाह ↗ · सीजीडब्ल्यूबी: तेलंगाना भूजल संसाधन 2024, आकलन विधि, पृ. 4 ↗

6. अगले अवलोकन के लिए बजट उपयोग करें

मानसून पर निर्भर क्षेत्र में वर्षा बाद कुआँ भर और सूखे समय घट सकता है। केवल इससे वर्षा पुनर्भरण, सिंचाई वापसी और पंपिंग बदलाव अलग नहीं होते। कई कुओं, जलभृत दशा, वर्षा और निकासी का तुलनीय अवधियों में रिकॉर्ड लें। बजट का न मिलना छूटे हस्तांतरण या अनिश्चितता जाँचने का कारण है, अज्ञात जलस्रोत गढ़ने का नहीं।

पुनर्भरण उपाय स्थानीय भूविज्ञान, उपलब्ध साफ पानी और भूजल गुणवत्ता पर निर्भर हैं। सतही पानी रोकने वाली संरचना अकेली सफल जलभृत पुनर्भरण सिद्ध नहीं करती। पानी और अवांछित पदार्थ कहाँ जाते हैं, यह जाँचें। यह पाठ मानचित्र और कागजी गणना है; संख्याएँ बोरिंग, पंपिंग या पुनर्भरण निर्माण की योजना नहीं। मुख्य कौशल लाभ का दावा करने से पहले संबंधों का हिसाब है।

स्रोत: केंद्रीय भूमि जल बोर्ड: भूजल और पुनर्भरण के प्रश्न ↗ · यूएसजीएस: अंतःस्यंदन और जल चक्र ↗

अभ्यास करें

अभ्यास: तर्क, गणना और जाँच

  1. मिट्टी, नदी और जलभृत सहित जलग्रहण सीमा बनाएँ; अंदर के हस्तांतरण और बाहरी प्रवाह अलग करें।
  2. काल्पनिक बजट में वर्षा 600, वाष्पोत्सर्जन 350 और नदी निर्गमन 180 mm हो तो भंडारण बदलाव निकालें।
  3. अलग असंवृत मॉडल में क्षेत्र 10,000 m², वृद्धि 0.4 m और विशिष्ट जल-उपज 0.15 लें।
  4. जाँच: जलभृत सीमा के भीतर हो तो पुनर्भरण आंतरिक है; वर्षा और वाष्पोत्सर्जन सीमा पार करते हैं। उत्तर +70 mm और 600 m³। छूटा सीमापार भूजल प्रवाह जलग्रहण हिसाब बदलेगा; जलभृत अनुमान शुद्ध भंडारण है, सकल पुनर्भरण नहीं।

अपनी समझ जाँचें

क्या अंतःस्यंदन पुनर्भरण है?

नहीं। प्रवेश किया पानी संतृप्त क्षेत्र से पहले असंतृप्त मिट्टी में रह या हवा में लौट सकता है।

क्या अधिक सरंध्रता के साथ धीमा प्रवाह संभव है?

हाँ। छोटे या कम जुड़े छिद्र पानी रखकर भी धीरे पहुँचा सकते हैं।

पुनर्भरण दो बार क्यों न घटाएँ?

मिट्टी और जलभृत दोनों बजट में हों तो पुनर्भरण एक आंतरिक भंडार से दूसरे में जाता है, तंत्र से बाहर नहीं।

क्या शुद्ध भंडार वृद्धि पूरा पुनर्भरण है?

केवल जब अन्य प्रासंगिक प्रवाह न हों। पंपिंग और प्राकृतिक निकास पुनर्भरण का कुछ भाग घटा सकते हैं।

एक कुएँ का बढ़ना पर्याप्त क्यों नहीं?

वह स्थानीय दाब या पंपिंग बदलाव हो सकता है और सूत्र वाले क्षेत्र या जलभृत का प्रतिनिधि न हो।

अस्पष्ट ऋणात्मक बजट क्या सुझाता है?

भंडार घट सकता या प्रवाह-माप छूटा हो सकता है; पानी नष्ट मानने के बजाय जाँचें।

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