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विज्ञान

वायुमंडल, दाब और पवन के कारण

पवन बलों के कारण चलती हुई वायु है। अदृश्य आणविक टक्करों, वायु स्तंभ के भार, असमान तापन और पृथ्वी के घूर्णन को मौसम मानचित्र के तीरों से जोड़ें।

PLS फाउंडेशन द्वारा · · 6 मिनट पढ़ाई, और अभ्यास

इस पाठ के अंत तक: ऊँचाई के साथ दाब बदलाव समझाएँ, दाब प्रवणता की तुलना करें और यह माने बिना समुद्री समीर समझें कि हर पवन मानचित्र में सीधी चलती है।

यह विषय सीधे पढ़ें, या शृंखला अपनाएँ: वायु, मानसून, जलवायु और तट

मुख्य विचार

दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल बल है। वायुदाब के अंतर वायु को त्वरण देते हैं; घूर्णन और घर्षण उसकी गति बदलते हैं। तापन घनत्व, ऊर्ध्व विस्तार और वायु द्रव्यमान के पुनर्वितरण से परिसंचरण को प्रभावित करता है।

1. हवा अदृश्य हो सकती है, पदार्थ फिर भी है

वायु में गैसें, निलंबित कण और बदलती मात्रा में जलवाष्प है। शुष्क वायु में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्रधान हैं, पर कम मात्रा वाली गैसों की भूमिका भी महत्त्वपूर्ण है। चलते गैस अणु सतह से टकराकर दाब बनाते हैं। एक पास्कल, Pa, एक वर्ग मीटर पर एक न्यूटन बल है। मौसम में हेक्टोपास्कल उपयोग होता है: एक hPa = 100 Pa। दाब तापमान या हवा के झोंकों की संख्या नहीं है।

किसी ऊँचाई का वायुदाब ऊपर की वायु के भार से जुड़ा है। ऊपर जाने पर सिर के ऊपर वायु कम बचती है, इसलिए दाब सामान्यतः घटता है। शांत वायु स्तंभ में गुरुत्व और ऊपर की ओर दाब बल लगभग संतुलित हैं; यह द्रवस्थैतिक संतुलन है। इसलिए बड़ा ऊर्ध्व दाब अंतर पूरे वायुमंडल को लगातार ऊपर नहीं उछालता। पवन समझने में क्षैतिज असंतुलन महत्त्वपूर्ण है।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडल का संघटन और संरचना ↗ · एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗

2. हल उदाहरण: पतली परत का दाब अंतर

सतह के पास पतली परत के लिए लगभग Δp = ρgΔz लें। Δ अंतर, p दाब, ρ वायु घनत्व, g गुरुत्वीय त्वरण और z ऊँचाई है। काल्पनिक मान ρ = 1.2 किलोग्राम प्रति घन मीटर, g = 10 मीटर प्रति सेकंड वर्ग और Δz = 100 मीटर लें। दाब अंतर 1.2 × 10 × 100 = 1,200 Pa, अर्थात 12 hPa है। निचले स्तर का दाब अधिक होगा।

यह स्थानीय सन्निकटन है क्योंकि घनत्व ऊँचाई और मौसम से बदलता है। पूरे वायुमंडल में यही अंतर गुणा करना गलत होगा। दो केंद्रों के मूल दाब की तुलना में ऊँचाई का प्रभाव प्रधान हो सकता है। इसलिए उपयुक्त मानचित्र के लिए दाब समान संदर्भ स्तर पर समायोजित किया जाता है। नहीं तो पर्वतीय केंद्र केवल ऊपर कम वायु होने से स्थायी मौसमगत निम्नदाब लगेगा।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗ · ओपनस्टैक्स: तरल, घनत्व और दाब ↗

3. तापन घनत्व और वायु वितरण बदलता है

सतह सूर्य ऊर्जा सोखती और विकिरण, चालन तथा चलती वायु द्वारा ऊपर की हवा से ऊर्जा का आदान-प्रदान करती है। फैल सकने वाला गर्म वायु पुंज समान दाब पर पहले से कम घना होता है। आसपास की हवा से कम घनत्व हो तो उत्प्लावन उसे ऊपर उठा सकता है। कम दाब में उठते हुए वह फैलता और ठंडा होता है; आसपास ऊष्मा देना आवश्यक नहीं। यह रुद्धोष्म शीतलन है।

शीतलन नम हवा को संतृप्त कर सकता है और उपयुक्त कणों पर संघनन हो सकता है। केवल उठना वर्षा की गारंटी नहीं; नमी, बादल प्रक्रियाएँ और लगातार उत्थान महत्त्वपूर्ण हैं। “गर्म अर्थात कम दाब” सार्वभौमिक नियम भी नहीं। बंद कठोर पात्र गर्म करने पर गैस दाब बढ़ता है। खुले वायुमंडल में सतही निम्नदाब वायु स्तंभ के द्रव्यमान के पुनर्वितरण से जुड़ा है, इसलिए पूरा परिसंचरण देखें।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडल का संघटन और संरचना ↗ · एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗ · एनसीईआरटी: वायुमंडल में जल ↗

4. पवन पर एक से अधिक प्रभाव पड़ते हैं

क्षैतिज दाब-प्रवणता बल अधिक से कम दाब की ओर है। चलती हवा का घूमती पृथ्वी के सापेक्ष मार्ग कोरिऑलिस प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में दाईं और दक्षिणी में बाईं ओर मुड़ता है। “दाईं” गति की दिशा के सापेक्ष है, पन्ने पर हमेशा पूर्व नहीं। यह प्रभाव स्थिर हवा को चलाना शुरू नहीं करता और भूमध्य रेखा के पास कमजोर होता है।

भूमि से दूर दाब-प्रवणता और कोरिऑलिस प्रभाव लगभग संतुलित होकर समदाब रेखाओं के साथ प्रवाह दे सकते हैं, सीधे आर-पार नहीं। समदाब रेखाएँ समान संदर्भ तल के बराबर दाब जोड़ती हैं। भूमि के पास घर्षण पवन धीमी करके संतुलन बदलता है और कम दाब की ओर घटक संभव होता है। पर्वत, भवन और विक्षुब्ध मिश्रण स्थानीय पैटर्न जटिल बनाते हैं; बड़े मानचित्र से हर गली की हवा नहीं पता चलती।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗

5. हल उदाहरण: प्रति दूरी बदलाव की तुलना

समान पैमाने और संदर्भ स्तर के दो काल्पनिक मानचित्र लें। क्षेत्र A में 300 किलोमीटर पर 6 hPa और B में 100 किलोमीटर पर 4 hPa अंतर है। औसत प्रवणता 6/300 = 0.02 और 4/100 = 0.04 hPa प्रति किलोमीटर है। कुल दाब अंतर छोटा होते हुए भी B की प्रवणता दुगुनी है। समान दाब अंतर वाली समदाब रेखाएँ पास हों तो प्रवणता अधिक है।

अन्य दशाएँ तुलनीय हों तो अधिक प्रवणता समान घनत्व की हवा पर अधिक दाब बल दर्शाती है। उससे अकेले सटीक पवन चाल नहीं मिलती। घर्षण, घूर्णन और जारी त्वरण भी महत्त्वपूर्ण हैं। अलग पैमाने या रेखा-अंतर वाले मानचित्रों की दूरी सीधे तुलना करना गलत होगा। रेखाओं की भीड़ का अर्थ निकालने से पहले संकेत सूची पढ़ें।

प्रति दूरी दाब का बदलाव महत्त्वपूर्ण है

क्षेत्रदाब में अंतरदूरीप्रवणता
A6 hPa300 किमी0.02 hPa/किमी
B4 hPa100 किमी0.04 hPa/किमी
उदाहरण के मानचित्रों का संदर्भ स्तर समान है। B की प्रवणता A से दोगुनी है; यह सटीक पवन गति की गणना नहीं। 1 hPa = 100 Pa।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗

6. तटीय समीर को परिसंचरण चक्र से जोड़ें

सरल धूप वाले तटीय मॉडल में भूमि पास के समुद्र से जल्दी गर्म होती है। भूमि के ऊपर गर्म हवा उठने और ऊपर पुनर्वितरण से ऐसा दाब पैटर्न बनता है जो सतह के पास ठंडी समुद्री हवा भीतर खींचता है। ऊपर वापसी प्रवाह चक्र पूरा करता है। रात में भूमि जल्दी ठंडी हो तो दाब व्यवस्था उलटकर थल समीर बना सकती है। यह उपयुक्त दशाओं की प्रवृत्ति है, हर तट की तय समय-सारणी नहीं।

तेज क्षेत्रीय पवन स्थानीय समीर पर हावी हो सकती है। इसलिए समुद्री समीर का चित्र पूरे भारतीय मानसून की व्याख्या नहीं करता। पवन का नाम आने की दिशा से है: पछुआ पश्चिम से आती है। अवलोकन में दिशा, चाल, समय और मापन ऊँचाई लिखें। हवा से ओट वाले एक कोने की शांत हवा पूरे शहर में शांति सिद्ध नहीं करती।

स्रोत: एनसीईआरटी: वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम तंत्र ↗

अभ्यास करें

अभ्यास: तर्क, गणना और जाँच

  1. वायु स्तंभ में ऊपर घटता दाब दिखाएँ और लगभग संतुलित दो बल पहचानें।
  2. काल्पनिक घनत्व 1 kg/m³, g = 10 m/s² और 50 मीटर ऊँचाई से दाब अंतर निकालें।
  3. समान पैमाने पर 400 km में 8 hPa और 100 km में 3 hPa की तुलना करें।
  4. जाँच: नीचे गुरुत्व और ऊपर शुद्ध दाब बल लगभग संतुलित हैं। अंतर 500 Pa = 5 hPa; प्रवणताएँ 0.02 और 0.03 hPa/km, इसलिए दूसरी 1.5 गुना। घर्षण, घूर्णन और त्वरण पवन चाल को अब भी प्रभावित करते हैं।

अपनी समझ जाँचें

केंद्रों के दाब समान स्तर पर क्यों तुलना करें?

अलग ऊँचाई का प्रभाव घटाकर क्षैतिज मौसमगत पैटर्न समझने के लिए।

क्या उठती हवा केवल ठंडी हवा छूने से ठंडी होती है?

नहीं। कम बाहरी दाब में फैलना बिना ऊष्मा आदान-प्रदान भी ठंडा कर सकता है।

पास-पास समदाब रेखाओं के लिए संकेत सूची क्यों चाहिए?

मानचित्र पैमाना और दाब अंतर दोनों वास्तविक प्रति दूरी बदलाव तय करते हैं।

क्या उत्तरी पवन उत्तर जाती है?

नहीं। वह उत्तर से आती है; मौसम में पवन का नाम स्रोत दिशा से होता है।

कोरिऑलिस स्थिर हवा को क्यों नहीं चलाता?

विक्षेप घूमती पृथ्वी के सापेक्ष गति पर निर्भर है; दाब असंतुलन या दूसरा प्रभाव प्रवाह शुरू करता है।

क्या समीर मॉडल हर दोपहर समान पवन सिद्ध करता है?

नहीं। बादल, बड़े मौसम तंत्र और तटीय स्थलाकृति स्थानीय परिसंचरण बदल या छिपा सकते हैं।

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