मुख्य विचार
चाल दूरी बढ़ने की दर, वेग विस्थापन की दिशा सहित दर और त्वरण वेग बदलने की दर बताता है। स्पष्ट संदर्भ दिशा और संगत समय अंतराल से तीनों अलग पहचाने जाते हैं।
1. स्थिति के लिए संदर्भ चाहिए
चिह्न देने से पहले मूल बिंदु और धनात्मक दिशा चुनें। पूर्व–पश्चिम सड़क पर पुस्तकालय प्रवेश को x = 0 और पूर्व को धनात्मक लें। x मीटर में चिह्नयुक्त स्थिति निर्देशांक है। विस्थापन अंतिम स्थिति घटा प्रारंभिक स्थिति है, जिसे Δx लिखते हैं; Δ का अर्थ बदलाव है। दूरी वास्तविक चले पथ की कुल लंबाई है और ऋणात्मक नहीं। विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है। चलती बस में बैठा व्यक्ति सीट के सापेक्ष स्थिर, सड़क के पेड़ के सापेक्ष गतिशील है। विरोध नहीं; संदर्भ तंत्र अलग है।
स्रोत: एनसीईआरटी: सरल रेखा में गति ↗ · एनसीईआरटी: हमारे आसपास की गति का वर्णन ↗
2. औसत चाल और वेग के अंश अलग हैं
औसत चाल कुल दूरी ÷ कुल समय और औसत वेग विस्थापन ÷ वही समय है। पूरी यात्रा पूछी हो तो प्रतीक्षा समय भी लें। दोनों का मात्रक m/s है, पर वेग में दिशा या चिह्न चाहिए। km/h को m/s में बदलने के लिए 1000/3600, यानी 5/18 से गुणा करें, क्योंकि किलोमीटर 1000 मीटर और घंटा 3600 सेकंड है। दो चालों का सीधा औसत तभी लें जब समय बराबर हों। धीमे हिस्से में तेज़ हिस्से से अधिक समय लग सकता है; इसलिए यात्रा औसत दूरी और समय से निकालें, चाल के लेबल देखकर नहीं।
स्रोत: एनसीईआरटी: सरल रेखा में गति ↗ · एनसीईआरटी: मात्रक और मापन ↗ · एनसीईआरटी: हमारे आसपास की गति का वर्णन ↗
3. क्षण की गति यात्रा के औसत से अलग हो सकती है
तात्कालिक चाल खास क्षण की गति बताती है; चालमापी उसका अनुमान दिखाता है, यात्रा शुरू होने से अब तक का औसत नहीं। तात्कालिक वेग दिशा भी बताता है। समान चाल से मोड़ लेने पर दिशा बदलने के कारण वेग बदलता है। अदिश चाल में केवल परिमाण, सदिश वेग में परिमाण और दिशा चाहिए। सरल रेखा के प्रश्न में धन या ऋण चिह्न दिशा बता सकता है। ऋणात्मक वेग का परिमाण फिर भी धनात्मक चाल है। चिह्न निर्देशांक के चुनाव की सूचना है, गलत गति का निर्णय नहीं।
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4. त्वरण वेग का बदलाव मापता है
औसत त्वरण a = (v − u)/t है; u शुरुआती वेग, v अंतिम वेग और t बीता समय। मात्रक m/s² है: हर सेकंड वेग इतने मीटर प्रति सेकंड बदलता है। समान त्वरण में बराबर समय में बराबर वेग बदलाव होता है। ऋणात्मक त्वरण चुनी ऋण दिशा बताता है, हमेशा धीमा होना नहीं। वेग और त्वरण का चिह्न समान हो तो चाल बढ़ती, अलग हो तो संभावित दिशा पलटने तक घटती है। आदर्श ऊर्ध्व फेंक के मुड़ने वाले क्षण जैसे शून्य वेग पर भी त्वरण हो सकता है; अकेला शून्य वेग शून्य बल या त्वरण नहीं बताता।
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5. ग्राफ दो राशियों के संबंध का कथन है
स्थिति–समय आलेख पर दो बिंदु जोड़ने वाली रेखा की ढाल औसत वेग देती है। किसी बिंदु पर स्पर्शरेखा की ढाल तात्कालिक वेग देती है; सीधे खंड पर दोनों समान हैं। क्षैतिज भाग स्थिर स्थिति बताता है, समतल सड़क पर चलना नहीं। वेग–समय ग्राफ की ढाल त्वरण और क्षैतिज भाग स्थिर वेग है। उसके नीचे चिह्नयुक्त क्षेत्रफल विस्थापन देता है; समय अक्ष के नीचे का क्षेत्र ऋणात्मक गिनें। दूरी में योगदानों के परिमाण जोड़ें। समान त्वरण पर v = u + at और विस्थापन s = ut + ½at²। ये सीधी वेग रेखा और औसत वेग (u + v)/2 से आते हैं; यह सरल औसत हर बदलते वेग की यात्रा पर लागू नहीं।
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6. हल उदाहरण: पुस्तकालय की यात्रा
काल्पनिक यात्रा में आशा स्कूल द्वार से 300 m पूर्व, फिर 180 m पश्चिम जाती है। छोटे ठहराव सहित कुल समय 8 मिनट है। पूर्व धनात्मक लें। दूरी 300 + 180 = 480 m; विस्थापन +300 − 180 = +120 m। समय 8 × 60 = 480 s। औसत चाल 480/480 = 1.00 m/s और औसत वेग 120/480 = +0.25 m/s, अर्थात पूर्व की ओर 0.25 m/s। दोनों उसी यात्रा के अलग पहलू हैं। ठहराव समय बढ़ाकर दोनों औसत प्रभावित करता है, दूरी या विस्थापन नहीं बढ़ाता। कोई औसत हर क्षण की चाल नहीं बताता।
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7. हल उदाहरण: समान दर से बदलता वेग
सीधी सड़क के काल्पनिक बस मॉडल में वेग 6 s में 2 m/s से 8 m/s होता है, त्वरण स्थिर है और दिशा नहीं पलटती। त्वरण (8 − 2)/6 = 1 m/s²। औसत वेग (2 + 8)/2 = 5 m/s, इसलिए विस्थापन 5 × 6 = 30 m। समीकरण से जाँचें: s = 2 × 6 + ½ × 1 × 6² = 12 + 18 = 30 m। वेग ग्राफ में वही क्षेत्र 12 m का आयत और 18 m का त्रिभुज है। त्वरण बदलता हो तो केवल अंतिम-प्रारंभिक वेग से यह क्षेत्रफल या सरल औसत उचित नहीं होता।
क्षेत्रफल और ढाल से गति पढ़ें
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अभ्यास करें
लागू करें और अपना तर्क जाँचें
- विराम से शुरू काल्पनिक ट्रॉली में 8 s तक समान त्वरण 0.5 m/s² लें। गति की दिशा धनात्मक चुनकर अंतिम वेग निकालें।
- वेग–समय ग्राफ बनाकर नीचे का क्षेत्र निकालें। फिर s = ut + ½at² से विस्थापन जाँचें।
- जाँचें: अंतिम वेग 4 m/s और विस्थापन 16 m। औसत वेग 2 m/s क्यों है और समान त्वरण की कौन-सी धारणा इसे संभव करती है, बताएँ।
अपनी समझ जाँचें
चलने वाली यात्रा के बाद औसत वेग शून्य हो सकता है?
हाँ। शुरुआती स्थान लौटने से कुल विस्थापन शून्य है। पथ की लंबाई शून्य नहीं होने से दूरी और औसत चाल धनात्मक रह सकती हैं।
मोड़ पर समान चाल त्वरण वाली गति क्यों है?
दिशा बदलने पर वेग बदलता है। त्वरण पूरा वेग बदलाव मापता है, इसलिए अकेली समान चाल शून्य त्वरण नहीं बताती।
ऋणात्मक त्वरण चाल कैसे बढ़ा सकता है?
वस्तु पहले से ऋण दिशा में चल रही हो तो उसी दिशा का त्वरण ऋण वेग का परिमाण बढ़ाता है। पहले चिह्न परंपरा स्पष्ट करनी होगी।
क्षैतिज वेग ग्राफ क्षैतिज स्थिति ग्राफ से अलग क्यों है?
ऊर्ध्व अक्ष अलग राशियाँ दिखाते हैं। स्थिर वेग गति बता सकता है, जबकि स्थिर स्थिति चुने संदर्भ में विराम बताती है।
अलग समय वाले हिस्सों की दो चालों का सीधा औसत क्यों नहीं?
हर चाल अलग समय तक योगदान करती है। कुल दूरी ÷ कुल समय सही भार देता है; बिना भार का औसत सामान्यतः ऐसा नहीं करता।
