मुख्य विचार
प्रोसेसर डिजाइन को सॉफ्टवेयर द्वारा उपयोग किए जाने वाले निर्देश मानक पर खरा उतरना और पूरी प्रणाली में भौतिक हार्डवेयर की तरह काम करना होता है। सफल बूट इन दोनों प्रमाणों को जोड़ता है।
1. सितंबर 2020 में क्या हुआ?
IIT मद्रास ने शक्ति परिवार के RISC-V प्रोसेसर और सिस्टम-ऑन-चिप MOUSHIK के सफल बूट की जानकारी दी। आधिकारिक विवरण में प्रोसेसर और बोर्ड डिजाइन, संयोजन तथा सिलिकॉन बनने के बाद बूट IIT मद्रास; निर्माण और फाउंड्री-विशिष्ट पिछले चरण का काम चंडीगढ़ की सेमी-कंडक्टर प्रयोगशाला; और मदरबोर्ड निर्माण बेंगलुरु का बताया है। प्रमाण स्रोत संस्थागत अभियांत्रिकी घोषणा है, जर्नल शोधपत्र नहीं।
यह पड़ाव दिखाता है कि कई सहयोगी चरणों से डिजाइन काम करने वाले हार्डवेयर तक पहुँचा। घोषणा निगरानी उपकरणों सहित इंटरनेट ऑफ थिंग्स के संभावित उपयोग बताती है। संभावित उपयोग किसी निश्चित पैमाने पर तैनाती का प्रमाण नहीं है। पाठ प्रदर्शित अभियांत्रिकी कदम का अर्थ समझता है; 2020 की घोषणा से आज की उत्पाद उपलब्धता या प्रदर्शन में सर्वोच्चता का दावा नहीं बनाता।
2. निर्देश समुच्चय एक अनुबंध है
निर्देश समुच्चय वास्तु, संक्षेप में ISA, वे कार्य और उनका दिखने वाला व्यवहार तय करती है जिन्हें सॉफ्टवेयर प्रोसेसर से करा सकता है। निर्देश जोड़ सकते हैं, स्मृति से आँकड़े ला सकते हैं, परिणाम रख सकते हैं या अगला निर्देश बदल सकते हैं। RISC-V खुला मानक ISA है। वह सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की साझा भाषा तय करता है; स्वयं पूर्ण भौतिक चिप नहीं है।
अलग टीम समान समर्थित निर्देशों को अलग भीतरी संरचना से लागू कर सकती हैं। एक डिजाइन छोटे आकार और कम ऊर्जा, दूसरा गति पर जोर दे सकता है। सॉफ्टवेयर अनुकूलता वास्तविक समर्थित निर्देश-विस्तार और निष्पादन वातावरण पर निर्भर है। खुला ISA हर कार्यान्वयन के परिपथ डिजाइन को अपने-आप सार्वजनिक नहीं बनाता। मानक और डिजाइन का लाइसेंस अलग प्रश्नों के उत्तर हैं।
स्रोत: RISC-V International: खुला निर्देश समुच्चय मानक ↗ · RISC-V आधिकारिक ISA मार्गदर्शिका: परिचय ↗
3. कोर के आसपास प्रणाली चाहिए
प्रोसेसर कोर निर्देश लाता, समझता और संग्रहित स्थिति बदलता है। रजिस्टर कार्य करते समय उपयोग होने वाले छोटे, तेज भंडारण स्थान हैं। स्मृति में अधिक निर्देश और आँकड़े रहते हैं। सिस्टम-ऑन-चिप, अर्थात SoC, कोर को सहायक घटकों और संपर्कों से जोड़ता है। परिधीय घटक गणना को बाहरी दुनिया से जोड़ते हैं: टाइमर अंतराल गिनता और सीरियल इंटरफ़ेस जानकारी भेजता-लेता है।
शक्ति उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका दिखाती है कि सॉफ्टवेयर, बोर्ड विन्यास और परिधीय पहुँच कैसे जुड़ते हैं। संदेश छापने वाले प्रोग्राम को सही जोड़ से अधिक चाहिए: सही स्थान पर लोड होना, कोर चलना और आउटपुट इंटरफ़ेस का विन्यास। संवेदक वाले अनुप्रयोग को भरोसेमंद इनपुट और उपयुक्त आउटपुट परिपथ भी चाहिए। अकेली चिप पूरा संवेदन कार्य नहीं करती।
स्रोत: IIT मद्रास शक्ति उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, संस्करण 1.3.1 ↗
4. हल उदाहरण: नियंत्रण निर्णय का क्रम
कागज पर बने टंकी निगरानी उदाहरण में काल्पनिक प्रतिशत पठन लें। नियम है: स्तर पढ़ें; 30 से कम हो तो अनुरोध संकेत 1, अन्यथा 0 करें। 27 पर 27 < 30 सही है, इसलिए संकेत 1 होगा। 30 पर तुलना गलत है, इसलिए संकेत 0 होगा। सीमा भी विनिर्देश का हिस्सा है।
वैचारिक निर्देश क्रम पठन लाता, सीमा से तुलना करता, शाखा चुनता और संकेत संग्रहित करता है। यह प्रोग्राम के व्यवहार का वर्णन है, MOUSHIK मशीन कोड नहीं। केवल 27 नहीं, 29, 30 और 31 जाँचें: सीमा के मामले गलत तुलना पकड़ते हैं। संवेदक का मान न मिले तो क्या होगा, यह भी तय करें। वास्तविक उपकरण को इस शिक्षण उदाहरण से आगे सुरक्षा व्यवस्थाएँ चाहिए।
स्रोत: RISC-V आधिकारिक ISA मार्गदर्शिका: परिचय ↗ · IIT मद्रास शक्ति उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, संस्करण 1.3.1 ↗
5. तर्क डिजाइन से निर्मित सिलिकॉन तक
निर्माण से पहले डिजाइनर हार्डवेयर विवरण में व्यवहार लिखते, सिमुलेशन में जाँचते और जुड़े तर्क घटकों में बदलते हैं। भौतिक डिजाइन उन्हें और तारों को निर्माण प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित करता है। समय महत्त्वपूर्ण है क्योंकि संकेत पहुँचने और स्थिर होने में समय लेते हैं। तार्किक रूप से सही डिजाइन भी विफल हो सकता है यदि अगली घड़ी-आधारित क्रिया के लिए मान देर से पहुँचे।
निर्माण भौतिक संरचनाएँ बनाता है; पैकेजिंग और बोर्ड संयोजन उन्हें बिजली और दूसरे घटकों से जोड़ते हैं। फिर सिलिकॉन के बाद का सत्यापन वास्तविक यंत्र जाँचता है। बूट तय स्थिति से निष्पादन शुरू करने वाला आरंभिक क्रम है। अपेक्षित आउटपुट मिलना कई मार्गों का साथ काम करना दिखाता है, पर हर निर्देश, परिधीय घटक और संचालन परिस्थिति की संपूर्ण जाँच सिद्ध नहीं करता।
स्रोत: IIT मद्रास: MOUSHIK बूट घोषणा, 24 सितंबर 2020 ↗ · शक्ति परियोजना: प्रोसेसर और प्रणाली परिचय ↗
6. हल उदाहरण: गति और ऊर्जा की इकाइयाँ
मानें काल्पनिक कार्य 40 MHz कोर पर 120,000 निर्देश चलाता है, प्रति निर्देश औसतन दो घड़ी चक्र लगते हैं। MHz का अर्थ प्रति सेकंड दस लाख चक्र है। कुल चक्र 120,000 × 2 = 240,000 और समय 240,000 ÷ 40,000,000 = 0.006 सेकंड, अर्थात 6 मिलीसेकंड है। ऊँची घड़ी दर केवल एक प्रभाव है; निर्देश संख्या और प्रति निर्देश चक्र भी महत्त्वपूर्ण हैं।
कार्य के दौरान औसत शक्ति 0.2 वाट हो, तो ऊर्जा = शक्ति × समय = 0.2 × 0.006 = 0.0012 जूल, अर्थात 1.2 मिलीजूल। 0.1 वाट पर 8 मिलीसेकंड लेने वाला दूसरा डिजाइन 0.8 मिलीजूल उपयोग करता है। वह धीमा है, पर इस कार्य में कम ऊर्जा लेता है। ये काल्पनिक डिजाइन हैं, मापे हुए MOUSHIK विनिर्देश नहीं। निष्पक्ष बेंचमार्क में समान काम और संबंधित स्मृति तथा परिधीय लागत शामिल होती है।
डिज़ाइन से कार्यशील प्रणाली तक
- निर्देशों का मानकसॉफ़्टवेयर को उपलब्ध क्रियाएँ और समर्थित विस्तार तय करें।
- तर्क और सत्यापनव्यवहार लागू करें; सामान्य और सीमा वाले मामले जाँचें।
- भौतिक कार्यान्वयनपरिपथ व्यवस्थित करें, निर्माण व पैकेजिंग करें और बोर्ड जोड़ें।
- बूट और वैधता-जाँचवास्तविक प्रणाली शुरू करें, फिर अपेक्षित व्यवहार जाँचें।
स्रोत: शक्ति परियोजना: प्रोसेसर और प्रणाली परिचय ↗ · RISC-V आधिकारिक ISA मार्गदर्शिका: परिचय ↗
7. अधिक मजबूत प्रमाण कैसे दिखेंगे
सत्यापन योजना आवश्यकताओं को परीक्षणों से जोड़ती है। अंकगणित में सामान्य और सीमा मान; स्मृति में सही संग्रह और वापसी; परिधीय परीक्षण में संचार और समय जाँचें। एक सफल प्रदर्शन दोहराने से पुनरावृत्ति जँचती है, पर अनजाँचे व्यवहार अनजाँचे रहते हैं। बेंचमार्क में कार्यभार, सॉफ्टवेयर सेटिंग, हार्डवेयर विन्यास और मापी मात्रा बतानी चाहिए।
भारतीय अभियांत्रिकी योगदान में डिजाइन, निर्माण और सॉफ्टवेयर के बीच कौशल और काम करने वाले संपर्क बनाना शामिल है। इसे मानने के लिए हर स्थानीय डिजाइन को अपने-आप सुरक्षित या सबसे तेज कहना आवश्यक नहीं। निरीक्षण की सुविधा मूल्यांकन में मदद कर सकती है; सुरक्षा और विश्वसनीयता फिर भी स्पष्ट आवश्यकताओं और प्रमाण पर निर्भर हैं। सबसे मजबूत उपलब्धि कथन बताता है कि कौन-सी प्रणाली चली और किन परीक्षणों ने परिणाम स्थापित किया।
स्रोत: IIT मद्रास: MOUSHIK बूट घोषणा, 24 सितंबर 2020 ↗ · IIT मद्रास शक्ति उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, संस्करण 1.3.1 ↗ · RISC-V International: खुला निर्देश समुच्चय मानक ↗
अभ्यास करें
अभ्यास: छोटे नियंत्रक का विनिर्देश और परीक्षण
- काल्पनिक इनपुट और सीमा नियम एक सटीक वाक्य में लिखें; बराबर होने पर व्यवहार भी बताएँ।
- सीमा से नीचे, बराबर और ऊपर के मान का आउटपुट निकालें। अनुपलब्ध इनपुट का मामला जोड़ें।
- प्रति निर्देश तीन चक्र, 200,000 निर्देश और 50 MHz पर समय निकालें। 0.15 W पर ऊर्जा निकालें।
- सफल बूट, सही आउटपुट और मापा प्रदर्शन अलग करके परीक्षण विवरण लिखें। बताइए एक प्रदर्शन क्या अनजाँचा छोड़ता है।
अपनी समझ जाँचें
अभ्यास में समय और ऊर्जा क्या हैं?
600,000 चक्र हैं। समय 0.012 सेकंड, अर्थात 12 ms है। ऊर्जा 0.15 × 0.012 = 0.0018 J, अर्थात 1.8 mJ है।
RISC-V एक विशेष चिप का नाम क्यों नहीं है?
वह निर्देश मानक परिभाषित करता है, जिसे कई अलग प्रोसेसर डिजाइन लागू कर सकते हैं।
ठीक सीमा वाला मान क्यों जाँचें?
वह 'से कम' और 'से कम या बराबर' अलग करता है, जिनका सीमा पर व्यवहार अलग है।
क्या सफल बूट पूर्ण विश्वसनीयता सिद्ध करता है?
नहीं। वह शुरुआत का काम करता मार्ग दिखाता है। अन्य क्रियाओं, परिस्थितियों और दीर्घकालिक व्यवहार के लिए आगे परीक्षण चाहिए।
क्या धीमा प्रोसेसर कार्य में कम ऊर्जा उपयोग कर सकता है?
हाँ। ऊर्जा शक्ति और समय के गुणनफल पर निर्भर है। पर्याप्त कम शक्ति लंबे समय की भरपाई कर सकती है।
24 सितंबर 2020 का स्रोत क्या स्थापित करता है?
वह IIT मद्रास की सफल MOUSHIK बूट घोषणा और जुड़े अभियांत्रिकी चरण दर्ज करता है। वह वर्तमान बिक्री उपलब्धता स्थापित नहीं करता।
