पूर्णिमा लल्लन शर्मा फाउंडेशन · स्थापना 2021
PLS FoundationPLS FOUNDATIONज्ञान। सामर्थ्य। सेवा।

डिजिटल कौशल

पासवर्ड, पासकी और खाते की सुरक्षा

खाते की सुरक्षा केवल कठिन शब्द चुनना नहीं है। साइन इन, दूसरे सुरक्षा चरण, उपकरण तक पहुँच और पुनर्प्राप्ति समझें ताकि फ़ोन खोना या पासवर्ड लीक होना कई नुकसान का कारण न बने।

PLS फाउंडेशन द्वारा · · 5 मिनट पढ़ाई, और अभ्यास

इस पाठ के अंत तक: पासवर्ड दोहराने का जोखिम समझें, पासकी और उपकरण पिन अलग पहचानें, अनचाहे साइन इन अनुरोध पहचानें और असली गुप्त जानकारी लिखे बिना पुनर्प्राप्ति योजना बनाएँ।

यह विषय सीधे पढ़ें, या शृंखला अपनाएँ: कंप्यूटर, इंटरनेट और सुरक्षित खाते

मुख्य विचार

जहाँ ज़रूरी हो अलग पासवर्ड, समर्थित पासकी या मज़बूत दूसरा सुरक्षा चरण, सुरक्षित उपकरण और उपयोगी पुनर्प्राप्ति योजना रखें। ये खाते तक पहुँच के अलग हिस्सों की रक्षा करते हैं; एक उपाय बाकी सभी का विकल्प नहीं।

1. पासवर्ड एक खास काम का गुप्त संकेत है

सेवा साइन इन की जानकारी से तय करती है कि खाते की पहुँच देनी है या नहीं। पासवर्ड का अनुमान कठिन होना चाहिए और दूसरी सेवाओं से अलग होना चाहिए। केवल जटिलता पर्याप्त नहीं यदि वही गुप्त संकेत हर जगह है: एक सेवा का लीक दूसरी पर आजमाया जा सकता है। जन्मदिन, स्कूल और सार्वजनिक फ़ोन नंबर जैसे निजी तथ्य न चुनें। भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर अलग लंबे पासवर्ड बनाकर रख सकता है, जिससे एक ही दोहराने की मजबूरी घटती है। मैनेजर को भी उसकी सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति सुविधाओं से बचाएँ। प्रकाशित उदाहरण को असली पासवर्ड न बनाएँ; प्रकाशित होने पर वह निजी नहीं रहता। इस पाठ में “अलग पासवर्ड सुरक्षित रखा है” जैसे संकेत लिखें, असली पासवर्ड या उसका थोड़ा बदला रूप नहीं।

स्रोत: गूगल: मज़बूत पासवर्ड और खाते की पुनर्प्राप्ति ↗

2. दूसरा चरण अलग प्रमाण जाँचता है

दो चरणों की पुष्टि में पासवर्ड के साथ अतिरिक्त जाँच माँगी जा सकती है। इसमें ऑथेंटिकेटर, भरोसेमंद उपकरण का अनुरोध या दूसरा समर्थित तरीका हो सकता है। तब केवल चोरी का पासवर्ड जानना पर्याप्त नहीं रहता। फिर भी एक बार वाला कोड भरोसेमंद दिखते नकली पेज से चुराया जा सकता है; अचानक आया स्वीकृति अनुरोध अनजान व्यक्ति को प्रवेश दिलवा सकता है। पढ़ें कि अनुरोध क्या माँगता है और केवल अपने शुरू किए साइन इन को मंज़ूरी दें। तकनीकी सहायता बताने वाले व्यक्ति को कोड न दें। फ़ोन पर संदेश आना कॉल करने वाले की असलियत का प्रमाण नहीं। समर्थित पासकी और सुरक्षा कुंजी संबंधित प्रक्रियाओं में कोड से बेहतर फ़िशिंग प्रतिरोध देती हैं। सेवा में वास्तव में उपलब्ध तरीका चुनें और पुनर्प्राप्ति का रास्ता समझकर रखें।

स्रोत: गूगल: दो चरणों में पहचान की पुष्टि ↗

3. पासकी से क्या बदलता है

पासकी में समर्थित सेवा उपकरण या क्रेडेंशियल प्रदाता द्वारा सँभाले गए प्रमाण से साइन इन जाँचती है; वेबपेज में बार-बार वाला पासवर्ड टाइप नहीं करना पड़ता। स्क्रीन लॉक, उँगली की पहचान या समर्थित दूसरे तरीके से उसका उपयोग खोलते हैं। स्क्रीन लॉक का पिन स्वयं पासकी नहीं है; उसे वेबसाइट या मददगार को भेजना नहीं चाहिए। गूगल के अनुसार उसकी पासकी प्रक्रिया में इस्तेमाल बायोमेट्रिक जानकारी उपकरण पर रहती है। पासकी पासवर्ड जैसी फ़िशिंग का प्रतिरोध करती है, लेकिन खुला साझा उपकरण सुरक्षित नहीं बनाती और हर संदेश को असली नहीं करती। कुछ पासकी प्रदाता के माध्यम से कई उपकरणों पर मिल सकती हैं; कुछ खास उपकरण या सुरक्षा कुंजी से जुड़ी होती हैं। केवल एक उपकरण पर निर्भर होने से पहले प्रदाता की पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया समझें।

स्रोत: गूगल: पासकी से साइन इन करना ↗ · गूगल: दो चरणों में पहचान की पुष्टि ↗

4. हल किया प्रसंग: एक लीक, कई खाते

निखिल ने अध्ययन मंच, ईमेल और खरीदारी खाते पर एक पासवर्ड रखा। उसे मंच की सुरक्षा घटना की विश्वसनीय सूचना मिलती है। ईमेल शायद लीक न हुआ हो, लेकिन दोहराया पासवर्ड उसमें प्रवेश का रास्ता देता है। वह चेतावनी के लिंक के बजाय सेवाएँ स्वतंत्र रूप से खोलता है। दोहराए पासवर्ड अलग करता है और ईमेल को प्राथमिकता देता है, क्योंकि दूसरे खातों की पुनर्प्राप्ति लिंक वहाँ आ सकती हैं। गतिविधि, पुनर्प्राप्ति संपर्क और अनजान साइन इन उपकरण जाँचकर समर्थित अतिरिक्त सुरक्षा चालू करता है। केवल मंच का पासवर्ड बदलने से दूसरी प्रतियाँ सुरक्षित नहीं होतीं। तर्क जुड़े हुए प्रवेश का है: पुनर्प्राप्ति ईमेल का नियंत्रण दूसरे खाते रीसेट करने में मदद कर सकता है। नया मज़बूत पासवर्ड अनजान पुनर्प्राप्ति पते की समस्या भी नहीं मिटाता; उसे अलग जाँचना होगा।

पहुँच की तीन अलग ज़रूरतें सुरक्षित रखें

ज़रूरततरीकामहत्व
रोज़ का प्रवेशअलग पासवर्ड या समर्थित पासकीदोहराया संकेत कई खाते खोल सकता है।
अतिरिक्त पुष्टिसमर्थित दूसरा चरण; अनचाहे अनुरोध न मानेंकेवल चुराया पासवर्ड पर्याप्त नहीं हो सकता।
उपकरण खोनावर्तमान वापसी संपर्क और अलग रखा बैकअप तरीकाएकमात्र वापसी तरीका फ़ोन के साथ नहीं खोना चाहिए।
पासकी और दूसरे चरण की शर्तें सेवा के अनुसार बदलती हैं। इसे पहुँच का नक्शा मानें; असली गुप्त संकेत कभी न लिखें।

स्रोत: गूगल: मज़बूत पासवर्ड और खाते की पुनर्प्राप्ति ↗ · गूगल: दो चरणों में पहचान की पुष्टि ↗

5. हल किया प्रसंग: प्रशिक्षण केंद्र का साझा कंप्यूटर

आशा प्रशिक्षण केंद्र में निजी ईमेल खोलती है। ब्राउज़र पासवर्ड सहेजने और सेवा पासकी बनाने का सुझाव देती है। साझा उपकरण पर वह दोनों मना करती है, क्योंकि अगले उपयोगकर्ता या उपकरण खोल सकने वाले को खाते की आसान पहुँच नहीं मिलनी चाहिए। अनावश्यक निजी दस्तावेज़ डाउनलोड नहीं करती, काम के बाद सेवा से साइन आउट करके सत्र बंद करती है। निजी ब्राउज़िंग स्थानीय निशान घटा सकती है, लेकिन अनजान कंप्यूटर के दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर से सुरक्षा या डाउनलोड फ़ाइल हटाने की गारंटी नहीं। महत्वपूर्ण बदलाव के लिए वह अपना भरोसेमंद अद्यतन उपकरण लेती है। गलती से प्रमाण सहेजा हो तो उसे हटाकर सेवा की उपकरण और क्रेडेंशियल सेटिंग जाँचती है; केवल ब्राउज़र टैब बंद करना विश्वसनीय सफ़ाई नहीं।

स्रोत: गूगल: पासकी से साइन इन करना ↗ · मोज़िला: निजी ब्राउज़िंग के बारे में आम गलतफ़हमियाँ ↗

6. नुकसान से पहले वापसी की तैयारी

पुनर्प्राप्ति योजना बताती है कि फ़ोन उपलब्ध न हो तो क्या करेंगे, केवल आज कैसे प्रवेश करते हैं यह नहीं। संपर्क अपने और वर्तमान होने चाहिए। सेवा बैकअप कोड दे तो उन्हें उस उपकरण से अलग सुरक्षित रखें जिसके खोने पर प्रवेश रुकेगा; वे भी गुप्त हैं। स्कूल खाते में प्रशासक की मदद चाहिए या नहीं, समझें। ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउज़र अद्यतन रखें, उपकरण लॉक करें और संवेदनशील काम खोलने वाला स्क्रीन लॉक कोड साझा न करें। खाता प्रभावित लगे तो भरोसेमंद उपकरण से प्रदाता की आधिकारिक सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया लें, सत्र व सेटिंग जाँचें और कोई आपके नाम से संदेश भेज रहा हो तो प्रभावित संपर्कों को अलग भरोसेमंद माध्यम से बताएँ। कोई सार्वभौमिक बटन वापसी की गारंटी नहीं देता। पहचान जाँच को दरकिनार करने का वादा करने वाले अनजान व्यक्ति को भुगतान न करें।

स्रोत: गूगल: मज़बूत पासवर्ड और खाते की पुनर्प्राप्ति ↗ · गूगल: दो चरणों में पहचान की पुष्टि ↗ · सर्ट-इन: डिजिटल सुरक्षा मार्गदर्शिका ↗

अभ्यास करें

गुप्त जानकारी लिखे बिना खाते की पहुँच का नक्शा बनाएँ

  1. कागज़ पर तीन काल्पनिक खाते लिखें: ईमेल, अध्ययन पोर्टल और खरीदारी। बताएँ कि किस पर दूसरों की पुनर्प्राप्ति सूचना आती है। असली पते या पासवर्ड न लिखें।
  2. हर खाते के लिए अलग पासवर्ड योजना और समर्थित पासकी या दूसरे चरण का विकल्प चिह्नित करें। साझा कंप्यूटर पर क्या नहीं सहेजना है, पहचानें।
  3. फ़ोन खोने की कल्पना करें। आधिकारिक वापसी का रास्ता और अलग रखा बैकअप तरीका कहाँ मिलेगा, लिखें; गुप्त संकेत न लिखें।
  4. समाधान का तर्क: दूसरे खाते रीसेट करने वाले ईमेल की खास सुरक्षा चाहिए। अलग संकेत दोहराव का नुकसान घटाते हैं; दूसरा चरण अतिरिक्त शर्त जाँचता है; स्वतंत्र वापसी तरीका फ़ोन खोने में मदद करता है। तीनों काम अलग जाँचें।

अपनी समझ जाँचें

जटिल पर दोहराया पासवर्ड जोखिम वाला क्यों?

लीक होने पर वही संकेत दूसरी जगह आजमाया जा सकता है। जटिलता अनुमान रोकती है; अलगपन दोहराव का नुकसान घटाता है।

अनचाहा स्वीकृति अनुरोध हटाने के लिए मान लें?

नहीं। इससे दूसरे व्यक्ति को अनुमति मिल सकती है। अपने शुरू न किए अनुरोध को मना करके आधिकारिक सेटिंग में खाता जाँचें।

फ़ोन पिन और पासकी एक हैं?

नहीं। पिन उपकरण पर प्रमाण का उपयोग खोल सकता है। कॉल करने वाले के कहने पर उसे वेबसाइट में न लिखें।

साझा उपकरण पर निजी पासकी क्यों न बनाएँ?

उपकरण खोल सकने वाला उससे खाते में प्रवेश कर सकता है। उपकरण तक पहुँच की सीमा भी महत्वपूर्ण है।

ईमेल की सुरक्षा दूसरे खातों को कैसे प्रभावित करती है?

कई सेवाएँ वहाँ वापसी संदेश भेजती हैं। ईमेल नियंत्रित करने वाले को दूसरे खाते रीसेट करने का रास्ता मिल सकता है।

वापसी का तरीका फ़ोन से अलग क्यों रखें?

प्रवेश और उसका एकमात्र बैकअप दोनों खोए उपकरण पर हों तो ज़रूरत के समय कोई उपलब्ध नहीं होगा।

आगे जानें

कंप्यूटर और फ़ाइलें कैसे काम करते हैं

फ़ोन और स्कूल का कंप्यूटर दोनों निर्देशों पर काम करते हैं, जानकारी रखते हैं और फ़ाइलें भेजते हैं। इन कामों को समझकर असाइनमेंट व्यवस्थित करना, कमज़ोर इंटरनेट के लिए तैयार रहना और सामान्य गलतियों को सुधारना सीखें।

और जानें →

इंटरनेट, वेब और खोज: प्रमाण ढूँढ़ना

खोज परिणाम विश्वसनीय दिखकर भी गलत सवाल का उत्तर दे सकता है। पेज खुलने की प्रक्रिया, वेब पते की पहचान और सामान्य खोज को जाँचे हुए उत्तर में बदलना सीखें।

और जानें →

फ़िशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी पहचानना

धोखाधड़ी में अक्सर झूठा कारण बताकर सामान्य काम करवाया जाता है: साइन इन, भुगतान की मंज़ूरी या ऐप लगाना। काम को जाँचना, कहानी की पुष्टि करना और जानकारी या पैसा जा चुका हो तो तुरंत सही कदम लेना सीखें।

और जानें →