पूर्णिमा लल्लन शर्मा फाउंडेशन · स्थापना 2021
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निःशुल्क अध्ययन शृंखला

ज्ञान, अनुमान और वैज्ञानिक व्याख्या

प्रमाण से तर्क विकसित करें, शास्त्रीय न्याय सीखें और वैज्ञानिक व्याख्या की मान्यताएँ जाँचें।

3 पाठ · अपनी गति से सीखें

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हैदराबाद के राज्य केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों के ढेर, लकड़ी के सूची-दराज़ और किताबों की अलमारियाँ।
राज्य केंद्रीय पुस्तकालय, हैदराबाद; दिसंबर 2024 की तस्वीर। · Saiphani02 · CC BY 4.0

सीखें, अभ्यास करें, समझाएँ

व्याख्या पढ़ने से पहले अभ्यास आजमाएँ। अपनी समझ जाँचने वाले प्रश्नों के उत्तर अपने शब्दों में दें, फिर दिए उत्तर से अपने तर्क की तुलना करें। आगे बढ़ने से पहले कठिन हिस्सा फिर पढ़ें। खाते या भुगतान की जरूरत नहीं है।

  1. 01

    ज्ञान, विश्वास और प्रमाण

    आप मान सकते हैं कि बस नौ बजे चलती है, संयोग से यही सही अनुमान लगा सकते हैं, या विश्वसनीय वर्तमान समय-सारणी से उसका समय जान सकते हैं। उत्तर समान दिख सकता है, लेकिन वहाँ पहुँचने का रास्ता अलग है। यह पाठ दावे, कारण और वैध अनुमान के अंतर पर आगे बढ़ता है।

    सीखने का लक्ष्य: सत्य, विश्वास और औचित्य अलग करें; प्रत्यक्ष, अनुमान और विश्वसनीय कथन की तुलना करें; तथा समझाएँ कि नए प्रमाण से उचित भरोसा क्यों बदल सकता है।

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  2. 02

    न्याय दर्शन: प्रमाण और अनुमान की जाँच

    किसी कारण के आधार पर हम सीधे दिखाई देने वाली बात से आगे कैसे जान सकते हैं? शास्त्रीय न्याय दर्शन ज्ञान, अनुमान और संवाद का सूक्ष्म विवेचन करता है। उसके विचार तर्क जाँचने में सहायक हैं, पर वे भ्रम, दुःख और मुक्ति से जुड़ी एक व्यापक दार्शनिक परियोजना का हिस्सा भी हैं।

    सीखने का लक्ष्य: अनुमान के अंग पहचानें, पाँच अवयवों वाला प्रतिपादन बनाएँ और आकर्षक दिखने वाली दलील में त्रुटि का सही स्थान बताएँ।

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  3. 03

    विज्ञान-दर्शन: मॉडल, व्याख्या और परीक्षण

    मॉडल हर कारण बताए बिना सही पूर्वानुमान दे सकता है, और गलत पूर्वानुमान स्वयं नहीं बताता कि गलती कहाँ हुई। विज्ञान-दर्शन इन भेदों की जाँच करता है। काल्पनिक उदाहरणों से व्याख्या, आदर्शीकरण, खंडनीयता और जिम्मेदार संशोधन का संबंध समझें।

    सीखने का लक्ष्य: मॉडल का निरूपित विषय पहचानें, परीक्षण का तर्क पुनर्निर्मित करें और बताएँ कि मान्यता बदलना कब ज्ञानवर्धक है तथा कब साक्ष्य से बचने का बहाना।

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