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निःशुल्क अध्ययन शृंखला

देवी-देवता: रूप, कथाएँ और दैनिक जीवन

रूप-विधान, शास्त्र और उदाहरणों से गणेश, शिव, विष्णु और देवी को जानें।

4 पाठ · अपनी गति से सीखें

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चार भुजाओं वाले, हाथी के सिर वाले गणेश की ताँबे की मिश्रधातु की मूर्ति, एक पीठिका पर खड़ी है।
गणेश, तमिलनाडु, 12वीं शताब्दी, चोल काल; ताँबे की मिश्रधातु। मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट, 2015.500.4.12. · Unknown sculptor; image: The Metropolitan Museum of Art · CC0 1.0 (public domain)

सीखें, अभ्यास करें, समझाएँ

व्याख्या पढ़ने से पहले अभ्यास आजमाएँ। अपनी समझ जाँचने वाले प्रश्नों के उत्तर अपने शब्दों में दें, फिर दिए उत्तर से अपने तर्क की तुलना करें। आगे बढ़ने से पहले कठिन हिस्सा फिर पढ़ें। खाते या भुगतान की जरूरत नहीं है।

  1. 01

    गणेश: शुभारंभ, प्रतीक और भावपूर्ण उपासना

    शुभारंभ में गणेश का स्मरण क्यों होता है? उनके रूप पहचानें, भक्ति को तैयारी से जोड़ें और घर की पूजा तथा मंदिर की जीवंत परंपरा का संबंध समझें।

    सीखने का लक्ष्य: गणेश के चिह्न पहचानें, प्रतिमा के इतिहास व भक्तिभाव का अंतर समझें और शुभारंभ का सरल, वैकल्पिक अभ्यास बनाएँ।

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  2. 02

    शिव: नटराज, स्थिरता और परिवर्तन

    जानें कि एक परंपरा में योगी की स्थिरता और ब्रह्मांडीय नर्तक की गति कैसे साथ हैं; फिर नटराज के रूप को एक-एक चिह्न से समझें।

    सीखने का लक्ष्य: नटराज के डमरू, अग्नि, उठे चरण और अभय मुद्रा का अर्थ समझाएँ तथा धार्मिक प्रतीक व वैज्ञानिक दावे का भेद करें।

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  3. 03

    विष्णु, राम और कृष्ण: धर्म का संरक्षण

    विष्णु के चिह्न, अवतार का विचार और राम तथा कृष्ण से जुड़े जिम्मेदारी व भक्ति के अलग लेकिन संबंधित प्रश्न समझें।

    सीखने का लक्ष्य: विष्णु के रूप-चिह्न पहचानें, अवतार समझाएँ तथा कर्तव्य संबंधी निर्णय और भक्ति से किए अर्पण की तुलना करें।

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  4. 04

    देवी, दुर्गा और शक्ति: सामर्थ्य, करुणा और नवरात्रि

    शक्ति का अर्थ सीखें, महिषासुरमर्दिनी को पहचानें और जानें कि विभिन्न समुदायों में जगन्माता की उपासना के रूप कैसे विकसित हैं।

    सीखने का लक्ष्य: शक्ति का धार्मिक अर्थ समझाएँ, दुर्गा का रूप पहचानें और सम्मानपूर्ण पर्व-दर्शन या घर के चिंतन की योजना बनाएँ।

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