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डिजिलॉकर, उमंग और मायस्कीम: डिजिटल सरकारी सेवाओं का उपयोग

दस्तावेज़-वॉलेट, सेवा-मंच और योजना-खोज अलग काम करते हैं। सही मंच चुनना, आवेदन की प्रक्रिया और अपने दस्तावेज़ व खाते का नियंत्रण सीखें।

PLS फाउंडेशन द्वारा · · 4 मिनट पढ़ाई, और अभ्यास

इस पाठ के अंत तक: काम के अनुसार मंच चुनें, जारी दस्तावेज़ तथा अपलोड स्कैन में अंतर करें और रिकॉर्ड सहित आवेदन तैयार करें।

यह विषय सीधे पढ़ें, या शृंखला अपनाएँ: सेवाएँ, यात्रा और प्रवासी संबंध समझें

मुख्य विचार

डिजिलॉकर डिजिटल दस्तावेज़ पाने और साझा करने, उमंग सरकारी सेवाएँ एक जगह लाने, मायस्कीम उपयुक्त योजनाएँ खोजने और मायगव जनभागीदारी में मदद करते हैं। योजना मिलना, आवेदन देना और स्वीकृति मिलना अलग चरण हैं।

1. चार उपकरण, अलग काम

इन सेवाओं को एक यात्रा के हिस्से समझें। मायस्कीम बताता है, “मेरी परिस्थिति से कौन-सी योजना मेल खा सकती है?” डिजिलॉकर, “डिजिटल दस्तावेज़ कहाँ पाऊँ या साझा करूँ?” उमंग, “क्या सरकारी सेवा साझा मंच पर मिलेगी?” मायगव पर परामर्श और सार्वजनिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। एक लॉगिन या परिचित लोगो से सभी सेवाएँ समान नहीं हो जातीं। संबंधित विभाग ही अपनी योजना के नियम और निर्णय तय करता है।

स्रोत: डिजिलॉकर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ↗ · राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग: उमंग सरकारी सेवा मंच ↗ · मायस्कीम: सरकारी योजनाएँ खोजने का मंच ↗ · राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र: मायगव ↗

2. डिजिलॉकर: जारी रिकॉर्ड और अपलोड फाइल

जारी दस्तावेज़ भाग लेने वाले मूल प्राधिकारी, जैसे शिक्षा बोर्ड, की प्रणाली से आता और जारी दस्तावेज़ खंड में दिखता है। अपलोड दस्तावेज़ स्वयं रखी फाइल है। दोनों उपयोगी हैं, लेकिन प्रमाणपत्र की फोटो अपलोड करने से वह मूल प्राधिकारी का जारी डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बन जाती। उपलब्ध दस्तावेज़ पाने के लिए सही प्राधिकारी और प्रकार चुनें, जरूरी पहचान विवरण दें और मिले रिकॉर्ड की जाँच करें। मूल नाम या परिणाम गलत हो तो सुधार सामान्यतः जारीकर्ता से होगा; फोन की फाइल बदलने से उसका डेटाबेस नहीं सुधरता।

स्रोत: डिजिलॉकर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ↗

3. उमंग: सेवा तक पहुँचें और प्रक्रिया पूरी करें

उमंग संघ, राज्य और स्थानीय निकायों की अनेक सेवाओं तक साझा पहुँच देता है। सेवा या विभाग खोजें, फिर देखें उसमें सूचना, आवेदन, भुगतान या स्थिति देखने में से क्या उपलब्ध है। कुछ सेवाओं में अतिरिक्त पंजीकरण या सत्यापन चाहिए। शुरुआत में विभाग का नाम लिख लेना उपयोगी है। लेनदेन विफल हो तो पावती, संदर्भ संख्या और भुगतान-स्थिति से सहायता केंद्र जाँच कर सकता है। पहले प्रयास की स्थिति देखे बिना बार-बार भुगतान या आवेदन करने से उलझन बढ़ सकती है।

स्रोत: राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग: उमंग सरकारी सेवा मंच ↗ · उमंग: सरकारी सेवाएँ ↗

4. मायस्कीम: पात्रता कई शर्तों का मेल है

मायस्कीम जानकारी और उपयुक्त विवरणों से योजनाएँ खोजने में मदद करता है। पात्रता में स्थान, आयु, आय, शिक्षा, व्यवसाय या विशेष श्रेणी जैसी कई शर्तें साथ होती हैं। एक शर्त मिलना पात्र होना नहीं। लाभ, अपवर्जन, दस्तावेज़, आवेदन और संबंधित विभाग पढ़ें। काल्पनिक प्रशिक्षण योजना में 18–25 वर्ष, किसी राज्य का निवास और बारहवीं पास होना जरूरी हो तो 22 वर्ष के व्यक्ति ने केवल आयु की शर्त पूरी की है। बाकी भी जाँचनी होंगी। यह “और” का संबंध है, किसी एक शर्त को चुनना नहीं।

स्रोत: मायस्कीम: सरकारी योजनाएँ खोजने का मंच ↗

5. रिकॉर्ड और खाते का नियंत्रण रखें

दस्तावेज़ों, जारीकर्ताओं और उपलब्धता की सूची बनाएँ। आधिकारिक पता इस्तेमाल करें और जमा करने से पहले विवरण जाँचें। पावती, आवेदन क्रमांक, तारीख और अगला निर्देश रखें। पावती सामान्यतः आवेदन मिलने का प्रमाण है, स्वीकृति नहीं। दूसरे की मदद करते समय उन्हें प्रविष्टियाँ समझाएँ और फोन, पासवर्ड व एकबारगी कोड का नियंत्रण उन्हीं के पास रहने दें। पहचान-पत्र स्वयंसेवक समूह में न फैलाएँ। सहायता से आवेदक सक्षम बने, ऐसे अनजान व्यक्ति पर निर्भर नहीं जो अकेला खाता खोलना जानता हो।

स्रोत: डिजिलॉकर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ↗ · मायस्कीम: सरकारी योजनाएँ खोजने का मंच ↗

6. उदाहरण: सहायता खोजता विद्यार्थी

मीरा शिक्षा-सहायता खोज रही है। मायस्कीम पर दो योजनाओं के स्थान, पाठ्यक्रम और आय की शर्तें मिलाती है। एक में उसका पाठ्यक्रम शामिल नहीं, इसलिए उसे छोड़ती है। दूसरी के दस्तावेज़ तैयार करती, डिजिलॉकर से उपलब्ध बोर्ड रिकॉर्ड लेती और विभाग का आवेदन-मार्ग देखती है। सेवा उमंग पर हो तो वहाँ, अन्यथा निर्धारित पोर्टल पर प्रक्रिया करती है। पावती रखकर बताई गई स्थिति-प्रक्रिया अपनाती है। योजना खोजने से पूरा आवेदन बना, लेकिन निर्णय अभी भी विभाग करेगा।

स्रोत: मायस्कीम: सरकारी योजनाएँ खोजने का मंच ↗ · डिजिलॉकर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ↗ · राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग: उमंग सरकारी सेवा मंच ↗

अभ्यास करें

नमूना आवेदन की सूची बनाएँ

  1. एक वास्तविक योजना का लाभ और पूरी पात्रता लिखें; निजी जानकारी दर्ज न करें।
  2. जरूरी रिकॉर्ड लिखें और जारीकर्ता के डिजिटल दस्तावेज़ को निजी स्कैन से अलग करें।
  3. आवेदन-मार्ग, रखने वाली पावती और स्थिति देखने की विधि लिखें। सच में आवेदन न करना हो तो जमा करने से पहले रुकें।

अपनी समझ जाँचें

प्रमाणपत्र की फोटो अपलोड करने से क्या वह जारी डिजिलॉकर रिकॉर्ड बनता है?

नहीं। जारी रिकॉर्ड भाग लेने वाले प्राधिकारी से आता है। स्वयं अपलोड की फाइल उपयोगकर्ता द्वारा दी गई फाइल रहती है।

उम्र मिल जाने से पात्रता तय है?

नहीं। लागू निवास, पाठ्यक्रम, आय और अन्य सभी शर्तें पूरी होनी चाहिए।

क्या पावती स्वीकृति है?

सामान्यतः वह प्राप्ति या जमा होने का प्रमाण है। स्वीकृति विभाग की जाँच और निर्णय के बाद आती है।

दस्तावेज़ भंडारण के बजाय जनभागीदारी का मुख्य मंच कौन है?

मायगव। वह सहभागिता और परामर्श देता है, जबकि डिजिलॉकर डिजिटल दस्तावेज़ों से जुड़ा है।

स्रोत और आगे की पढ़ाई

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